मऊ। विधायक निधि के गबन के मामले में बांदा जेल मे बंद मुख्तार अंसारी की पेशी बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई। एसीजेएम/एमपी एमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी ने विधायक निधि के मामले में आरोप पर मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह और अभियोजन की ओर से एपीओ रविंद्र यादव बहस की। जज ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में आदेश लिए 18 अगस्त की तिथि नियत की। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। विधायक निधि के दुरुपयोग के मामले में मुख्तार अंसारी, आनंद, बैजनाथ यादव और संजय सागर को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित कर दिया है। मामले मे आरोप तय होना है। आरोपियों की ओर कहा गया कि उनके विरुद्ध कोई अपराध नहीं बनता है, इसलिए उन्हें आरोप से मुक्त किया जाय। जब कि अभियोजन की ओर से एपीओ रविंद्र यादव ने कहा कि मामले में आरोपियों पर मुकदमा चलाए जाने का पर्याप्त साक्ष्य पत्रावली में मौजूद हैं। इस दौरान मुख्तार अंसारी की ओर से उनके अधिवक्ता दारोगा सिंह ने प्रार्थना पत्र देकर उन्हें आरोप से मुक्त करने की मांग की। ऐसे में जज ने 18 अगस्त की तारीख तय की। उधर, राम सिंह मौर्या व सिपाही सतीश की हत्या के मामले में मुख्तार अंसारी की पेशी वीसी से हुई। विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए कोर्ट ने मामले मे 16 अगस्त की तिथि नियत की। मामला दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का है। वादी मुकदमा अशोक कुमार सिंह की तहरीर पर दक्षिण टोला थाने में मुख्तार अंसारी सहित पांच लोगों को नामजद किया गया था। आरोप है कि 19 मार्च 2010 को अजय प्रकाश सिंह की हत्या के मामले के गवाह राम सिंह मौर्य और उनकी सुरक्षा में लगे सिपाही सतीश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में दोनों पक्षों की गवाही पूर्ण हो चुकी है।