हीरा लाल यादव। बस यात्री।संवाद
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मऊ। अग्नीपथ योजना को लेकर युवाओं के विरोध प्रदर्शन से रेलवे द्वारा बलिया-शाहगंज तथा वाराणसी-गोरखपुर रूट की सात पैसेंजर ट्रेनों का संचालन बंद है। वहीं मऊ डिपो तथा दोहरीघाट डिपो की 21 बसें आजमगढ़ उपचुनाव की ड्यूटी में अधिगृहित है। ऐसे में कई ग्रामीण रूटों पर बसें बंद होने से लोग परेशान हैं। गर्मी में घंटों वाहनों का इंतजार के बाद लोग डग्गामार वाहनों से यात्रा करने को मजबूर हो रहे हैं। अग्निपथ योजना को लेकर बीते दिनों विरोध प्रदर्शन के चलते रेलवे ने बलिया-शाहगंज रूट, वाराणसी और गोरखपुर रूट की भटनी पैसेंजर, बलिया पैसेंजर, तमसा, डीएमयू सहित दूसरे पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त कर दिया है। ऐसे में बेल्थरारोड, किड़िहरापुर, दुल्लहपुर, इंदारा, रसड़ा, रतनपुरा, हलधरपुर, मुहम्मदाबाद गोहना, खुरहट सहित छोटे स्टेशनों को जाने वाले यात्री परेशान हो रहे हैं। हालांकि यात्री दोहरी मार झेल रहे हैं। बस स्टेशन पर उन्हें घंटों इंतजार के बाद बसें मिल रही हैं, जिसमें पहले से भीड़ हो रही है। इतना ही नहीं कई रूटों पर तो रोडवेज बसों का संचालन बंद है। दरअसल मऊ डिपो की 50 बसों में 21 को उपचुनाव के लिए अधिगृहित किया गया है। केवल 19 बसें ही चल रही हैं। चुनाव में कई बसों के जाने के चलते मधुबन, चिरैयाकोट, रानीपुर रूट पर तो बसों का संचालन एक दम बंद है। इसके अलावा बलिया, गोरखपुर, कानपुुर, लखनऊ रूट पर भी बसों का संचालन में कमी आई है। मंगलवार को ऐसी समस्या से कई यात्री गर्मी में परेेशान होते दिखे। मऊ में अपने रिश्तेदार के आए हीरालाल अपने परिवार के साथ कानपुर जाने के लिए डिपो पहुंचे थे। बताया कि करीब दो घंटे के बाद उन्हें कानपुर रूट की एक बस मिली। इसी तरह से रसड़ा जा रहे गोविंद्र ने बताया कि बलिया रूट पर बस का संचालन पहले की अपेक्षा बेहद कम है। उन्होंने एक घंटे से अधिक समय के बाद दूसरी डिपो की बस मिली, लेकिन उसमें भी भीड़ ज्यादा थी। मऊ डिपो के एआरएम रमेशचंद्र ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के लिए 21 बसों का अधिग्रहण किया गया है। ऐसे में कुछ रूटों पर बसों का संचालन में दिक्कत आ रही है, लेकिन मौजूद व्यवस्था के तहत ही यात्रियों की सुविधाओं के लिए संचालन की कोशिश की जा रही है।
नगर के रोडवेज के बाहर बस की प्रतिक्षा में परेशान होते यात्री।संवाद- फोटो : MAU
गोविंद।यात्री,बस- फोटो : MAU