मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह ने दहेज हत्या के मामले में नामजद तीन आरोपियों में सास और ससुर को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद दोनों को सात-सात वर्ष की सजा के साथ छह-छह हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं आरोपी पति सुनील यादव के नाबालिग होने के चलते उसकी पत्रावली अलग कर किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई थी। अभियोजन के अनुसार दोहरीघाट थाना क्षेत्र के कोरौली उसरा गांव निवासी रमाकांत यादव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसकी भतीजी प्रियंका यादव की शादी जमुनी बंजारी सती गांव निवासी सुनील यादव के साथ हुई थी। आरोप है कि दहेज के लिए 13 अगस्त 2013 को प्रियंका को उसके पति सुनील यादव, ससुर संगम और सास राजकुमारी ने जला कर मार डाला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया। अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी राणा प्रताप सिंह ने आठ गवाह पेश किए। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद ससुर संगम और सास राजकुमारी को प्रताडना और दहेज हत्या का दोषी पाते हुए सात-सात साल की सजा और छह-छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।