मऊ। ट्रेनों की लेटलतीफी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को 10 से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से विलंब से मऊ जंक्शन पहुंची। अमृतसर जंक्शन से जयनगर जाने वाली सरयू यमुना एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय 1:10 बजे से नौ घंटा लेट रात में 10:13 बजे मऊ जंक्शन पर पहुंची। वहीं मुंबई से गोरखपुर जाने वाली काशी एक्सप्रेस निर्धारित समय से छह घंटा लेट पहुंची। यही स्थिति गोरखपुर से मुंबई जाने वाली काशी एक्सप्रेस ट्रेन का रहा सुबह दो घंटे लेट पहुंची। घना कोहरा हो या गर्मी या फिर बरसात काशी एक्सप्रेस अपने किसी भी स्टॉपेज पर निर्धारित समय पर पहुंची ही नहीं है। हर मौसम में चार से पांच घंटा देरी चलना तो मामूली बात हो गई है। इस ट्रेन में यात्रा करने वालों की सोच ये होती है कि ये ट्रेन कुछ नहीं तो तीन घंटे लेट रहेगी। इसलिए यात्री भी उसी हिसाब से रेलवे स्टेशन पर पहुंचते हैं। रविवार को इन ट्रेनों के अलावा गोरखपुर स्पेशल फेयर 30 मिनट, साबरमती एक्सप्रेस एक घंटा 11 मिनट, मुजफ्फपुर एक्सप्रेस 32 मिनट, कृषक एक्सप्रेस एक घंटा, उत्सर्ग एक्सप्रेस एक घंटा देरी से मऊ जंक्शन पर पहुंची। इसी तरह कई अन्य ट्रेनें एक से दो घंटे लेट रहीं। दोपहर लगभग एक बजे मऊ जंक्शन पर बैठे रमेश प्रजापति, जुनैद, हरिपेंद्र राजभर ने बताया कि उन्होंने सरयू यमुना एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे हैं। ट्रेन के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले ही रेलवे स्टेशन पर आ गए थे। लेकिन यहां आकर पता चला कि ट्रेन नौ घंटे देरी से रात में 10 बजे आएगी। हरेंद्र साहनी, विशेष कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्हें गोरखपुर जाना है। लेकिन सभी ट्रेनें लेट हैं, काशी एक्सप्रेस छह घंटा लेट पहुंचेगी।