मऊ। विधानसभा चुनाव में कथित तौर पर नफरती भाषण सहित आचार संहिता के उल्लंघन के तीन मामलों में मऊ सदर के आरोपी विधायक अब्बास अंसारी की बुधवार को कासगंज जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी हुई। प्रभारी सीजेएम नसीहा वसीम ने तीनों मामलों में अगली तिथि 22 मई को तय की। इसमें दो मामले शहर कोतवाली और एक मामला दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का है। पहला मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया। आरोप था कि तीन मार्च 22 को चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा के दौरान कहा कि मऊ के प्रशासन के अधिकारियों को चुनाव के बाद हिसाब किताब करने के लिए रोका जाएगा। पुलिस ने विवेचना में मामले में धारा 506, 171 एफ,186,189,153 ए, 120 बी विधायक अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट गाजीपुर के पुरानी कचहरी यूसुपुर निवासी मंसूर अंसारी के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में पेश किया है। मामले में उमर अंसारी उपस्थित नहीं हुए, उनकी ओर से गैरहाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया गया। वहीं अब्बास अंसारी की वीसी से पेशी हुई। मामला साक्ष्य में चल रहा है। प्रभारी सीजेएम ने मामले में साक्ष्य के लिए 22 मई की तिथि तय की। दूसरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। मामले में अभियोजन के अनुसार एसआई राजेश कुमार वर्मा की तहरीर पर अपराध संख्या 95/22 धारा 188,171एफ भादवि मे एफआईआर दर्ज हुई। आरोप है कि 27 फरवरी 22 को विधानसभा चुनाव के दौरान सुभासपा प्रत्याशी अब्बास अंसारी ने बिना अनुमति के राजाराम पुरा से लेकर भरहु का पूरा तक रोड शो निकाला। जिसमें 5-6 गाड़ियां तथा 100-150 लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी। पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, गणेश दत्त मिश्रा, मंसूर अंसारी, मोहम्मद ईशा खान, शाहिद लारी, शाकिर लारी, जुल्फेकार और धर्मेंद्र सोनकर के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया।