मऊ/रतनपुरा। स्थानीय सीएचसी में दवाओं के दुरुपयोग का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दवाएं फिर फेंकी मिलीं। पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार देर शाम को साढ़े सात बजे दो बाइक सवार युवक आए। बाइक पर बैठे बैठे ही दवाओं को सड़क के किनारे फेंक कर भाग गए। पूरी रात सड़क किनारे सभी दवाइयां उसी तरह पड़ी रहीं। रविवार सुबह आस-पास के दुकानदारों से सभी दवाइयों को हटाया। बाइक सवारों द्वारा फेंकी गई मेडिकल किट में कई प्रकार की दवाएं और सुई लगी डिस्पोजल सिरिंज थीं। बता दें कि इससे पहले भी क्षेत्र के गुलौरी गांव सहित एक अन्य गांव में 50 हजार रुपये से ऊपर की 54 प्रकार की दवाएं फेंकी मिली थीं। यह दवाएं सीएचसी को मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराने के लिए मुहैया कराई गई थीं। प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से पूरे मामले की जांच कराई गई थीं। बावजूद इसके दवा कहां से लाई गई थी। इसका आज तक पता नहीं चल सका था। क्षेत्र जनपद के साथ बलिया और गाजीपुर का भी सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां तीनों जनपद के लोगों का आवागमन होता रहता है। जांच में गाजीपुर और बलिया जनपद को शामिल नहीं करने से जांच सिर्फ जनपद तक ही सिमट कर रह गई थी। अब एक बार फिर दवाओं के सड़क पर फेंके जाने से क्षेत्र में चर्चा होने लगी है।
कोट
मामले की जानकारी हुई है, टीम बनाकर जांच कराई जाएगी। दवा फेंकने वालों की पहचान कराने की भी कोशिश होगी।
- डॉ. रामबदन राजभर, सीएचसी प्रभारी रतनपुरा