रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से आने के बाद अपने बच्चे को पानी पिलाती एक माँ।
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मऊ। तीन प्रांतों से शुक्रवार को ट्रेनें तीन हजार से ज्यादा प्रवासियों को लेकर रेलवे स्टेशन पहुंची। पांच घंटे के अंतराल में पहुंची ट्रेनों से अधिकारियों-कर्मचारियों को काफी मशक्कत करना पड़ा। सभी प्रवासियों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें परिवहन निगम की बसों से गतंव्य स्थान को रवाना कर दिया गया। शुक्रवार की सुबह पांच बजे दिल्ली से 1684 प्रवासियों को लेकर पहुंची 22 कोच की इस श्रमिक ट्रेन के पहुंचने पर स्टेशन अधीक्षक ददनराम, आरपीएफ प्रभारी डीके राय, जीआरपी प्रभारी ओमप्रकाश तिवारी की मानीटरिंग में जवानों ने एक-एक कोच कर प्रवासियों को बाहर निकाला, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग तथा शिक्षा विभाग की छह टीमों ने प्रवासियों की थर्मल स्क्रीनिंग की। इसके चार घंटे बाद सिंकदरा बाद से 695 प्रवासियों को लेकर विशेष श्रमिक ट्रेन मऊ जंक्शन पहुंची। इसके दो घंटे बाद ही 11 बजे के करीब बंगलौर से 1581 श्रमिकों को लेकर श्रमिक ट्रेन पहुंची। ट्रेनों से उतरने के बाद श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद भोजन का पैकेट, पानी देकर रोडवेज बसों से रवाना किया गया। इस दौरान शिक्षा विभाग में तैनात बालिका शिक्षा के जिला समन्वयक अखिलेश सिंह अपने दो साथी शिक्षक रूपेश पांडेय तथा ज्ञानप्रकाश मिश्रा के साथ पहुंचे। और स्वास्थ्य टीमों के साथ पीपीई किट पहनकर प्रवासियों की थर्मल स्क्रीनिंग कर उन्हें कोरोना वायरस के लक्षण तथा उसके बचाव के बारे में बताया।