फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीधे विद्यालयों के खाते में जाएगी एमडीएम की धनराशि

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। बेसिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के मध्याह्न भोजन योजना की धनराशि में अनियमितता बरतना प्रधानाध्यापकों तथा ग्राम प्रधानों के लिए आसान नहीं होगा। जल्द ही पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंसियल मैनजमेंट सिस्टम) पोर्टल के माध्यम से सीधे विद्यालयों के खातों में मध्याह्न भोजना योजना की धनराशि ट्रांसफर होगी। पीएफएमएस पोर्टल पर खातों को अपलोड किया जा चुका है। व्यवस्था के लागू होने से योजना में पारदर्शिता आएगी। जिले में बेसिक शिक्षा से संबद्ध 1600 सरकारी विद्यालयों में लगभग दो लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए शासन की तरफ से मध्याह्न भोजन योजना शुरू की थी। अभी तक कोषागार के जरिए विद्यालयों के एमडीएम खाते में कनवर्जन कॉस्ट का पैसा ट्रांसफर किया जाता है। खाते का संचालन प्रधानाध्यापक तथा ग्राम प्रधान करते हैं। कई विद्यालयों में इन दोनों के बीच विवाद हो जाता था। जिससे एमडीएम संचालन में बाधा आती थी। ऐसे में सरकार की ओर से व्यवस्था में परिवर्तन किया गया। अब पब्लिक फाइनेंसियल मैनजमेंट सिस्टम से सीधे विद्यालयों के एमडीएम खातों में ट्रांसफर पैसे की जानकारी रखी जाएगी। पीएफएमएस पोर्टल पर विद्यालयों के एमडीएम खातों को अपलोड किया जा चुका है। इस व्यवस्था के लागू होने जाने से शासन प्रशासन स्तर पर बैठे आला अधिकारी हर विद्यालय के एमडीएम खाते पर नजर रख सकेंगे। अधिकारी एक क्लिक कर जानकारी कर सकेंगे कि किस विद्यालय में कितना पैसा एमडीएम में खर्च हो रहा है। कितना शेष है। यह जानकारी भी पोर्टल के माध्यम से मिल सकेगी कि किस विद्यालय में जनपद स्तर से कितना पैसा भेजा गया है। जिला समन्वयक एमडीएम पीयूष पांडेय ने बताया कि पीएफएमएस पोर्टल पर विद्यालयों के एमडीएम खातों को अपलोड किया जा चुका है। रसोइयों के मानदेय का भुगतान भी पोर्टल के जरिये किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें