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Mau: विधायक अब्बास अंसारी समेत तीन ने किया सरेंडर, पुलिस को चकमा देकर वकील के साथ पहुंचे अदालत

Fri, 21 Oct 2022 02:28 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ

सार

Abbas Ansari surrenders: मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी ने एमपी/एमएलए कोर्ट में सरेंडर किया।अब्बास पुलिस टीम को चकमा देकर अधिवक्ता के साथ कोर्ट पहुंचे। 
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अब्बास अंसारी ने कोर्ट में किया सरेंडर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र से सुभासपा के विधायक अब्बास अंसारी, भाई उमर अंसारी समेत तीन लोगों ने शुक्रवार को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के दो मामलों और अफसरों को धमकाने के केस में एमपी/एमएलए कोर्ट में समर्पण कर दिया। तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया। करीब तीन घंटे बाद तीनों की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली गई।

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तीन महीने तक अब्बास अंसारी समेत तीनों आरोपी फरार रहे। इस दौरान विधायक ने सुप्रीम कोर्ट में राहत की गुहार लगाई। जिस पर पिछले दिनों लखनऊ में दर्ज अवैध असलहे के मामले में उन्हें गिरफ्तारी से चार हफ्ते की अंतरिम राहत दे दी गई। इसके बाद अब्बास अंसारी अपने छोटे भाई के साथ समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि देने सैफई पहुंचे थे।

वहां सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलकर सांत्वना देने की तस्वीर भी उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी की थी। अदालत से जमानत मिलने के बाद अब्बास अंसारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जमानती धाराओं में मामला दर्ज था। उसी के लिए कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत हुए थे। न्याय ने अपना काम किया। अब वापस अपने क्षेत्र में लोगों के बीच जा रहा हूं। अंसारी ने बताया कि मामला आचार संहिता के उल्लंघन का था।
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पहला मामला अफसरों को धमकी देने का

अब्बास अंसारी - फोटो : सोशल मीडिया।
अफसरों को धमकी देने का है। चार मार्च को विधानसभा चुनाव के दौरान सुभासपा प्रत्याशी अब्बास अंसारी ने छोटे भाई उमर के साथ पहाड़पुरा के मैदान में जनसभा के दौरान अधिकारियों को चेतावनी दी थी। अब्बास ने अखिलेश यादव का नाम लेकर कहा था कि भैया से बात हो गई है। सपा की सरकार बनने पर यहां के अधिकारियों का छह महीने तक ट्रांसफर नहीं होगा। पहले सभी का हिसाब-किताब होगा। इस मामले में अब्बास सहित तीन लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था। सदर विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित होने के बाद पुलिस को इनकी तलाश थी।

दूसरा मामला

अखिलेश से मिलने सैफई गए अब्बास अंसारी - फोटो : अमर उजाला
शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें विधायक अब्बास अंसारी, उनके भाई उमर अंसारी के अलावा मंसूर अंसारी सहित पांच नामजद व अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था। आरोप है कि 10 मार्च को विधायक ने समर्थकों के साथ विजय जुलूस निकाला। इससे जाम लगने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई थी। इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना गया। कोर्ट से तीनों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।

तीसरा मामला :

तीसरा मामला भी शहर कोतवाली क्षेत्र का है। आरोप है कि 27 फरवरी को सुभासपा उम्मीदवार अब्बास ने बिना अनुमति के राजाराम का पूरा से भरहू का पूरा की ओर बिना अनुमति भीड़ जुटा कर रोड शो किया था। इसमें अब्बास अंसारी और उनके समर्थकों के विरुद्ध चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का केस दर्ज हुआ था। कोर्ट से विधायक अब्बास अंसारी, भाई उमर अंसारी के विरुद्ध जमानती वारंट जारी किया गया था।
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कचहरी में रही गहमागहमी
सदर विधायक और उनके भाई के आत्मसमर्पण की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। कचहरी के मुख्य द्वार व आसपास सुरक्षा की व्यवस्था कर दी गई। इस दौरान शहर कोतवाल संजय उपाध्याय फोर्स के साथ कचहरी के मुख्य द्वार तथा परिसर में भ्रमण करते रहे। कचहरी परिसर में भी गहमागमही रही। सदर विधायक अब्बास अंसारी कचहरी परिसर में दोपहर 12:00 बजे पहुंचे इसके बाद वह 3:00 बजे कोर्ट परिसर से निकले। 
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