परदहां ब्लाक के रहजनीया गांव के पास नगरपालिका द्वारा गिराया गया कचड़ा।
- फोटो : MAU
मऊ। नगरपालिका के विभिन्न वार्डो से निकलने वाला कचरा का निस्तारण न होने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। कूड़ा जगह-जगह बिखरे रहने के चलते लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। नगर पालिका के 42 वार्ड से प्रतिदिन सैकड़ों टन कचरा निकलता है। वर्तमानमें नगर में डपिंग ग्राउंड न होने से परदहा में खाली पड़े जमीन में कचरा डंप हो रहा। किया जा रहा है। नगर से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 115 टन कचरा को तमसा नदी किनारे ग्रीन बेल्ट में डंप किया जा रहा था। एक जून को सेवानिवृत्त जज डीपी सिंह के नेतृत्व में एनजीटी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम की फटकार के बाद पालिका प्रशासन की तरफ से परदहां क्षेत्र के रहजनिया में जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी कर कचरा डंप किया जा रहा है। चहारदीवारी का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। खुले में डंप पड़े कचरे का निस्तारण न होने से दुर्गंध उठ रही। इससे नगर तथा आसपास के मिश्रौली, बेलचौरा, छोटी रहजनिया, सलाहाबाद सहित दर्जनों गांवों के लोगों के लिए यह कचरा मुसीबत साबित हो रहा। बरसात के बाद स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। जहां कचरा डंप किया जा रहा है। वहीं से प्रमुख मार्ग गुजरा है। सड़क से गुजरने वाले कपड़ा मुंह पर रखे बिना उधर से नहीं निकल सकते। इस बाबत नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी संजय मिश्र का कहना है कि सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की प्रक्रिया चल रही है।