मऊ। नगर क्षेत्र से गुजरने वाली तमसा नदी को निर्मल बनाने के नगर पालिका ने कवायद तेज कर दी है। जहां शासन की मंशानुसार नदी में गिरने वाले गंदे पानी को रोकने के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने की प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्लांट को लेकर कार्यदायी संस्था जलनिगम ने सर्वे कर इसकी रिपोर्ट बनाने के साथ ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पांच एकड़ जमीन की मांग का प्रस्ताव नगर पालिका प्रबंधन को भेजा था। एसटीपी बनने से ना केवल तमसा नदी निर्मल होगी, बल्कि इससे गिरते भूगर्भ जलस्तर में स्थिरता आने के साथ तमसा नदी मेें व्यर्थ बहजाने वाला गंदा पानी का सदुपयोग हो सकेगा। बताते चले कि नगर पालिका क्षेत्र के 42 वार्डो से निकलने वाला गंदा पानी और 17 नालों से रोजाना हजारों गैलन लीटर गंदा पानी नदी में गिरता है। कुछ माह पूर्व एनजीटी की टीम ने तमसा नदी के पानी का सैंपल लेने की जांच भी की थी,इस दौरान नदी में मिल रहे गंदे पानी को देखकर काफी नाराजगी जताई थी। एनजीटी की फटकार और जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी के सख्त रवैया को देखने के बाद नगर पालिका ने सालों से लटकी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट कार्य की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में कार्यदायी संस्था जलनिगम द्वारा एक माह से तमसा नदी में मिलने वाले 17 नालों, नदी में गिर रहे दूषित जल की जांच, उसकी मात्रा और समस्या से निदान के लिए ट्रीटमेंट प्लांट के लिए आवश्यक पांच एकड़ जमीन को लेकर अपनी प्रक्रिया पूरी की। साथ ट्रीटमेंट के लिए पांच एकड़ जमीन की मांग को लेकर प्रस्ताव बनाकर नगर पालिका को भेज दिया। जमीन मिलने के बाद जलनिगम सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का कार्य शुरू कर देगा।