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आधुनिक तकनीक से खेती करें किसान

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परदहां ब्लाक के कुशमौर स्थित राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो में आयोजित पांच दिवसीय प् - फोटो : MAU
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मऊ। जिले के किसानों को सूक्ष्मजीव आधारित जैविक कृषि के प्रसार और उससे जुड़ी बारीकियों के विषय में गुरुवार को परदहां ब्लाक क्षेत्र के कुशमौर स्थित राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्म जीव ब्यूरो के सभागार में पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। इस अवसर पर ब्यूरो के निदेशक डॉ. अनिल कुमार सक्सेना ने कहा कि इस परियोजना के मूल में ‘स्वस्थ मिट्टी, स्वस्थ फसलें, स्वस्थ मानव’ जैसी अवधारणा है जो लंबे समय तक प्रभावी और टिकाऊ कृषि तंत्र पर आधारित है। किसान के खेतों में मिट्टी के जैविक घटकों का संपोषण एक महती आवश्यकता है। जिससे मिट्टी पोषक तत्वों की सतत चक्रीय प्रणाली का पालन करते हुए फसली पौधों को सम्यक मात्रा में न्यूट्रीएंट और मिनरल तत्वों को उपलब्ध करने में सक्षम हो। मुख्य अतिथि घोसी विधायक विजय राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने के लिए किसानों को सूक्ष्मजीव आधारित आधुनिक कृषि तकनिकियों को आत्मसात करना चाहिए। जिससे न केवल लागत में कमी लाई जा सके बल्कि मिट्टी के स्वास्थ्य को भी सुरक्षित रखा जा सके। ब्यूरो के प्रधान वैज्ञानिक एवं परियोजना प्रभारी डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि इंटरैक्टिव लर्निंग के माध्यम से किसानों को मिट्टी और पर्यावरण के स्वास्थ्य-रक्षण की विधियों, तकनीकियों और प्रौद्योगिकियों के विषय में प्रशिक्षित करने में इस प्रकार के कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं को मृदा स्वास्थ्य के रासायनिक और जैविक पहलुओं, मिट्टी से सूक्ष्मजीवों को पृथक करने, कम्पोस्टिंग और फोर्टीफीकेसन तथा सूक्ष्मजीव इनोकुलेंट के उपयोगों पर सम्पूर्ण प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, आजमगढ़ के प्रभारी डॉ. केएम सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रूद्र प्रताप सिंह मौजूद रहे।
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