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सैकड़ों ने कराया टिकट निरस्त, आधी हुई टिकट की ब्रिकी

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मऊ। अयोध्या प्रकरण में शनिवार को आए फैसले और कड़ी सुरक्षा का प्रभाव रेलवे तथा रोडवेज डिपो पर भी देखने को मिला। यात्रियों की भीड़ से खचाखच भरा रहने वाला मऊ के स्टेशनों पर शनिवार को आधे यात्रियों की संख्या दिखाई दी। यही नजारा रोडवेज डिपो परिसर में भी देखने को मिला। शनिवार को मुंबई, दिल्ली सहित दूसरे रूट पर जाने वाले 100 से ज्यादा यात्रियों ने अपना आरक्षण निरस्त करा दिया। वहीं स्थानीय यात्रियों ने शनिवार को यात्रा करने से गुरेज बरता। इससे रेलवे और रोडवेज को अन्य दिनों की भांति लाखो रुपये का राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। शनिवार को मऊ जंक्शन से ट्रेनों का आवागमन तो निर्धारित समय से हुआ,लेकिन यात्रियों से भरे रहना वाला स्टेशन यात्रियों की कमी के चलते खाली खाली रहा। इससे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहा। लिच्छवी, दादर, गोदान, कृृषक एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में यात्रा करने वाले सौ से ज्यादा यात्रियों ने अपना आरक्षण शनिवार को निरस्त करा दिया। वहीं प्रतिदिन 10 हजार से ज्यादा यात्री वाले जंक्शन पर पांच हजार से कम ही यात्री पहुंचे। इंदारा, बेल्थरारोड, किड़िहरापुरा, दुल्ल्हपुर, सादात आदि छोटे बड़े स्टेशनों से आने जाने वाले अधिकांश यात्रियों ने शनिवार को अपनी यात्रा स्थगित कर दी थी। यात्रियों के न आने से रेलवे को करीब ढ़ाई लाख रुपये का राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। यहीं स्थिति रोडवेज परिसर की रही, जहां कॉलेज, स्कूल बंद होने से रोडवेज डिपो पर सन्नाटा पसरा रहा। बसों का संचालन तो हुआ लेकिन बसें यात्रियों से काफी हद तक खाली रही। इस संबंध में एआरएम विवेकानंद त्रिपाठी ने बताया कि अयोध्या मामले में फैसले को लेकर कॉलेज, स्कूल बंद होने तथा बेहद कम संख्या में स्थानीय लोगों के निकलने से बसों में भीड़ कम रही। इसलिए, राजस्व को भी नुकसान हुआ है। फिलहाल इसकी अभी समीक्षा करने पर ही जानकारी हो पाएगी।
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