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पुतला जलाकर विरोध

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बिजली की बढ़ी दरों के विरोध में नगर के रौजा पर प्रदेश के सीएम का पुतला फूंकते वामपंथी दलों के नेता? - फोटो : MAU
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मऊ। प्रदेश सरकार की तरफ से 21 महीने में दूसरी बार बिजली की कीमतों में की गई भारी वृद्घि के विरोध में शुक्रवार को वामपंथी दल के नेता लामबंद हुए। इस दौरान शहर के कौड़ी बिल्डिंग के पास वामपंथी नेता बुनकर और किसानों के साथ एकत्र होकर सरकार के विरुद्घ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला दहन किए। इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार सरकारी विद्युत कंपनियों से सस्ती बिजली खरीदने के बजाय निजी कंपनियों से कई गुना अधिक कीमत देकर बिजली खरीद रही है, और अपने किए का दंश जनता पर थोपकर खुद पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही। जनता पहले से ही महंगाई की मार से त्राहि त्राहि में है। ऐसे में बिजली के दामों में भारी वृद्धि कर सरकार आम जनता के साथ बुनकरों, किसानों के समक्ष संकट पैदा कर दी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर सरकारी के खिलाफ नारेबाजी किया। भाकपा के जिला मंत्री का रामसोच यादव ने सरकार की निजीकरण तथा तमाम तरह के गैर वाजिब टैक्सों , पेलांटियों तथ चौतरफा मंहगाई बढ़ाने का आरोप लगाया। बोले पहले से बदहाल जनता पर सरकार बिजली की दरों में वृद्घि कर जीवन जीने के मौलिक अधिकार पर हमला बोलने का काम की है। इस दौरान राम सोच ने कहा कि यदि सरकार बढ़ी बिजली दर को वापस नहीं लेती है तो आगामी 11 सितंबर को भाकपा आंदोलन करने को बाध्य होगी। शुक्रवार को हुए प्रदर्शन में मुख्यरूप से शेर मुहम्मद, वसंत कुमार, डा. रामकुमार भारती, ट्रेड यूनियन नेता डा. रामअवतार सिंह, डा. फखरे आलम, डा. सुभाष चंद्र गौतम, डा. अजय कुमार मिश्र, डा. वीरेंद्र कुमार, एकबाल अहमद, छवि शर्मा, देवनाथ इंजीनियर, रामजीत चौहान, शिवमूरत, रमेश भारद्धाज, विक्रमा कवि, लालती देवी, शैलेंदर सिंह, ताहिर, मुन्ना आदि लोग उपस्थित थे।
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