गर के हाइडिल कालोनी स्थित शिव मंदिर में बिजली कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के बाद विरोध सभा को स
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मऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में बिजली कर्मियों तथा अधिकारियों ने पीएफ घोटाले सहित विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को 48 घंटे का कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। कार्य बहिष्कार कर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद हाइडिल कालोनी स्थित शिव मंदिर परिसर में सभा की। उधर, कार्य बहिष्कार किए जाने से बिजली विभागों के कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। जबकि बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा। विभाग की ओर से बिल आदि जमा करने के लिए कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए गए थे। सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उर्जा निगम प्रबंधन ने जीपीएफ ट्रस्ट की गाइड लाइन का खुला उल्लंघन किया है। कर्मचारियों अधिकारियों के पीएफ के 99 प्रतिशत धनराशि को प्राइवेट हाउसिंग फाइनेंस कंपनी में लगा दिया गया। इसमें किया गया निवेश असुरक्षित रहता है। कर्मचारियों अधिकारियों के संपूर्ण धनराशि के 65 प्रतिशत धनराशि को अकेले दिवान फाइनेंस कंपनी में लगाया गया। ऐसे में कर्मचारियों अधिकारी के मेहनत के पीएफ के पैसे को खुले रूप से लुटाया गया है। कहा कि उत्तर प्रदेश पावर सेक्टर इंपलाई ट्रस्ट में जमा व अन्यत्र निवेशित समस्त धनराशि के कर्मचारियों के भुगतान की जिम्मेदारी लेने की प्रदेश सरकार अधिसूचना जारी करे। निजीकरण की समस्त प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। बिजली कर्मचारियों के वेतन विसंगति को दूर किया जाए। विद्युत विभाग से ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर संविदा कर्मियों को तेलंगाना सरकार के आदेश की तरह नियमित किया जाए। संविदा कर्मियों के ईपीएफ कटौती में हुए भारी घोटाले की भी जांच कराकर दोषी व्यक्तियों को दंडित किया जाए। पुरानी पेंशन योजना बहाल किया जाए। अन्यथा विद्युत कर्मी व संविदा कर्मी तथा अभियंता आंदोलन को तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। सभा को संगठन के वरिष्ठ नेता व जनपद संयोजक सूर्यदेव पांडेय, अरविंद यादव, सुशील सोनी, 44 पंकज सिंह, इंतेजार अली, महेंद्र प्रताप सिंह, सुमन कुमार आदि शामिल रहे।