नगर के सहादतपुरा स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर पीएफ भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन करते बि?
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मऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में बिजलीकर्मियों ने पीएफ घोटाले को लेकर बुधवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। चेताया कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाया गया तो कर्मचारी आंदोलन करेंगे। संगठन के जनपद संयोजक सूर्यदेव पांडेय ने कहा कि उर्जा निगम प्रबंधन में जीपीएफ ट्रस्ट की गाइड लाइन का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। कर्मचारियों अधिकारियों के पीएफ के 99 प्रतिशत धनराशि को दिवान हाउसिंग फाइनेन्स कंपनी में लगा दिया गया। जो कि अनुसूचित बैंक की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसमें किया गया निवेश असुरक्षित रहता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसके निर्देश पर कर्मचारियों अधिकारियों के संपूर्ण धनराशि के 65 प्रतिशत धनराशि को अकेले दिवान फाइनेंस कंपनी में लगाया गया। इस प्रकार से कर्मचारियों अधिकारी के मेहनत के पीएफ के पैसे को खुले रूप से लुटाया गया है। जिसके लिए शासन एवं प्रबंधन अपने दायित्वों से मुकर नहीं सकते हैं। कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सरकार एवं प्रबंधन उत्तर प्रदेश पावर सेक्टर इंपलाई ट्रस्ट में जमा व अन्यत्र निवेशित समस्त धनराशि के कर्मचारियों के भुगतान की जिम्मेदारी लेने की उत्तर प्रदेश सरकार अधिसूचना जारी करे। बिजली कर्मचारियों के वेतन विसंगति को दूर किया जाए। संविदा कर्मियों के ईपीएफ कटौती में हुए भारी घोटाले की भी सीबीआई जांच कराकर दोषी व्यक्तियों को दंड दिया जाए। पुरानी पेंशन योजना बहाल किया जाए। इस अवसर पर अमित गुप्ता, अरविंद यादव, अरूण पांडेय, विद्या सोनकर, निर्मला राय, रघुनंदन यादव, संजय कुमार, सत्यदेव सरोज, इशरारूल हक, रविंद्र यादव आदि शामिल रहे। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के तत्वावधान में अवर अभियंताओं ने भविष्य निधि में हुए घोटाले सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कहा कि कार्मिकों के वेतन से प्रतिमाह 10 प्रतिशत अथ्वा इससे अधिक की कटौती कर धन भविष्य निधि में में जमा किया जाता है। जिसमें विभाग द्वारा भी 10 प्रतिशत तक अंशदान जो कि 25 से 30 वर्षो तक वेतन से कटौती के उपरांत भविष्य निधि में एकत्रित हो पाता है। इस संकल्पित फंड पर कार्मिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा, शादी ब्याह आदि के लिए निर्भर रहते हैं। कार्मिकों के भविष्य निधि का की रकम घोटाले में फंस जाने से भविष्य अंधकारमय हो गया है। इंजीनियरों ने चेताया कि यदि समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान देवेंद्र उपाध्याय, आशुतोष त्रिपाठी, कमलेश श्रीवास्तव, पवन तिवारी आदि शामिल रहे।