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बेरोजगारी को दूर करने में फेल साबित हो रही है केंद्र सरकार

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कश्मीर में सामान्य हालत बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम ? - फोटो : MAU
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मऊ। भाकपा माले के राष्ट्रीय आह्वान पर गुरुवार को कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर कश्मीर एकजुटता दिवस मनाया। कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। कश्मीर एकजुटता दिवस मनाते हुए भाकपा और माले के कार्यकर्ता गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। यहां विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सामाजिक तथा मानवाधिकार कार्यकर्ता अरविंद मूर्ति ने कहा कि मोदी-शाह की भाजपा सरकार ने पिछले 60 दिनों से पूरे कश्मीर को बंदी बना रखा है। नागरिकों के सारे अधिकारों को छीन लिया है पूरे कश्मीर में आवाजाही पर रोक लगा दिया गया है और सारे संचार व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। कश्मीर से बाहर शिक्षा लेने गए कश्मीरी छात्र-छात्राएं अपने घरों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। पूरे कश्मीर को सेना के हवाले कर दिया गया है। वहीं जिला सचिव बसंत कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों ने कश्मीर की जनता के जीवन को संकट में डाल दिया है, पूरा देश आर्थिक संकट में फंसा हुआ है। कहा कि बेरोजगारी पिछले 45 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ रही है, सार्वजनिक क्षेत्रों का निगमीकरण और शिक्षा का निजीकरण के खिलाफ बीएसएनएल, एयर इंडिया रेलवे कर्मचारी, छात्र-नौजवान लगातार आंदोलन पर हैं। प्रदर्शन में राम नवल, शिवमूरत गुप्ता, श्री राम सिंह, राजेंद्र, ओमप्रकाश, रामबली, हरेंद्र, सुरेंद्र, रमाशंकर, संजय हरिश्चंद, अरविंद कुमार विजय, दयाशंकर सिंह गोकुल, सुनील गुप्ता, लल्लन सिंह, सुरेश सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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