घोसी नगर के बड़ागांव में 24मोहर्रम पर नौहाख्वानी करते अंजुमन के लोग।
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घोसी। घोसी नगर के बड़ागांव में मंगलवार की रात शायरे अहलेबैत सफी मजहर मरहूम के आवास से शबीहे ताबूत हजरत इमाम जैनुलआब्दीन (अ) का जुलूस निकाला गया। जुलूस में दस्ता मसूमिया के नौहाख्वानों ने नौहाख्वानी की। जलूस अपने परंपरागत रास्तों से होता हुआ देर रात सदर इमाम बारगाह पर दफन हुआ। जुलूस में मौलाना नसीमुल हसन ने तक़रीर करते हुए कहा कि 10 मोहर्रम को इमाम हुसैन (अ) की शहादत के बाद इमाम के घर वालों को यजीदी फौज ने गिरफ्तार कर कैदी बना लिया। इमाम के बड़े बेटे इमाम जैनुल आब्दीन को तौक़ वो जंजीर पहना कर क़ैद कर लिया गया। बीमार इमाम बेड़ी और जंजीर में जकड़ा हुआ था। इसके बाद भी उनसे उस वक़्त के हाकिम डरे हुए थे। इमामे सज्जाद ने हाकिम की आंखों में आंखे डाल कर जालिम को ललकारा और भरे दरबार मे हाकिम को रुसवा किया। इसी बीमार इमाम की अलमनाक शहादत की याद में शबीहे ताबूत वो अलम ए मोबारक बरामद होता है। इस अवसर पर मौलाना शफ़क़त तक़ी, डॉ. तनवीर कौसर, डॉ. अब्बास, फ़ैयाज शब्बर करबलाई, अलमदार हुसैन, मजहर हुसैन, जौन मोहम्मद, मोहम्मद अब्बास, इश्तेयाक हुसैन, शहादत अली, मेहंदी, मीसम रजा, अली असग़र,मोहम्मद अली, सिपते हसन, अनवर आलम, मोहम्मद तकी आदि शामिल रहे।