पुलिस लाइन में आयोजित ऐच्छिक ब्यूरो की बैठक में आए मामले का समझौता कराते सदस्य।
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मऊ। महिला ऐच्छिक ब्यूरो की बैठक रविवार को सीओ मधुबन श्वेता आशुतोष ओझा की अध्यक्षता में पुलिस लाइन में हुई। इसमें कुल 15 पारिवारिक मामले आए। इनमें से ब्यूरो के सदस्यों के प्रयास से चार मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें एक दंपति ने अपना मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। शेष मामलों में बैठक की अगली तिथि एक दिसंबर 2019 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजेे जाने का निर्देश दिया। ऐच्छिक ब्यूरो के सदस्यों के प्रयास से गुलअब्बा और खुर्शीद अहमद ने अपना मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। वहीं उमाकांत सिंह और पूजा के मामले में पीड़ित के अनुरोध पर पत्रावली निस्तारित कर दी गई। साथ ही अंजू और मुकेश तथा रजिया परवीन और वसी अहमद के मामले में पक्षकारों के लगातार अनुपस्थिति के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। वहीं पूजा गुप्ता और धन्नू के मामले में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया।इस दौरान सात मामलों में एक-एक पक्ष तथा तीन मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नही हुआ। जिसके चलते बैठक की अगली तिथि एक दिसंबर 2019 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। बैठक में सीओ मधुबन श्वेता आशुतोष ओझा, ऐच्छिक ब्यूरो के सदस्यगण सर्वेश दूबे,इब्राहिम सेवक, विनोद कुमार सिंह, अर्चना उपाध्याय, मौलवी अरसद,डा. एमए खान, महिला आरक्षी सोनी सिंह ने अपना योगदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।