फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आयुष्मान 4 ःव्यापक प्रचार न होने से सफल नहीं हो पा रही योजना

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। जिले में आयुष्मान योजना संचालित हुए बुधवार को एक साल पूरा हो गया है। बावजूद योजना में पंजीकृत एक लाख से ज्यादा परिवारों में केवल 938 लोगों का उपचार ही हुआ है। ऐसा योजना का व्यापक प्रचार प्रसार न होने को माना जा रहा। जबकि दूसरी तरफ निजी अस्पतालों का योजना में खासी दिलचस्पी न लेते हुए इससे न जुड़ना है। उधर, विभाग द्वारा गठित तीन सदस्यीय जिला क्रियान्वयन टीम का फील्ड के बजाए कार्यालय में बैठकर कार्य करना भी एक कारण है। ऐसे में ना तो लाभार्थी योजना का लाभ ले पा रहे हैं ना ही योजना के तहत दूसरे अस्पताल पंजीकृत हो रहे हैं। केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना जिले में 25 सितंबर 2018 को शुरू हुई थी। योजना के तहत 93075 परिवारों को योजना में पंजीकृत किया गया था। जबकि मुख्यमंत्री जन आरोग्य बीमा योजना के तहत 10292 परिवार चिह्नित हुए थे। लाभार्थियों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल, कोपागंज और मुहम्मदाबाद गोहना सीएचसी पंजीकृत हैं। जबकि निजी अस्पतालों में शारदा नारायण, प्रकाश नर्सिग होम, राहुल नर्सिग होम और स्वास्तिक अस्पताल को पंजीकृत किया गया। योजना में शामिल पांच सरकारी तथा छह आधुनिक सुविधा और विशेषज्ञ चिकित्सकों वाले अस्पताल होने के बाद भी इसका समुचित लाभ लोगों को नहीं मिल रहा। कारण बन रहा है विभाग द्वारा योजना का लेकर प्रचार प्रसार ना करना और मरीजों की हो रही शिकायतों का निस्तारण ना करना। वहीं, नगर में बड़ी संख्या में निजी अस्पताल हैं लेकिन विभाग इन्हें योजना में शामिल करने का प्रयास नहीं कर रहा है। जबकि योजना के तहत मरीजों को बेहतर उपचार मिले, इसके लिए अधिक से अधिक संख्या में सरकारी-गैर सरकारी अस्पतालों को शामिल करना है। योजना में पंजीकृत अस्पतालों के नाम सार्वजनिक स्थानों पर अंकित नहीं किए गए हैं। ऐसे में लाभार्थी अस्पतालों के नाम जानने को परेशान हैं कि उन्हें योजना का लाभ किन अस्पतालों में मिलेगा। पोर्टल पर अस्पतालों की सूची डाल दी है, लेकिन अधिकांश गरीबों को इसकी जानकारी नहीं है। अस्पतालों ने भी किस मर्ज के इलाज की सुविधा दे रहे हैं, इसका बोर्ड तक नहीं लगाया है। जबकि चाहिए कि अस्पतालों के बाहर योजना के तहत बीमारियों के इलाज की सुविधा का बोर्ड लगाया जाए। शामिल सीएचसी-पीएचसी, तहसील समेत सार्वजनिक स्थानों पर अस्पतालों की सूची लगाई जाए। इसके अलावा ग्राम प्रधानों को लाभार्थियों और अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराई जाए। साथ ही कैंप लगाकर लोगों को योजना और इसमें लाभ लेने के बारे में बताया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें