मऊ। नवरात्र के सातवें दिन नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में बने पूजा पंडालों में दुर्गा प्रतिमाओं के पट खुल गए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडालों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के पट खुलते ही जगह-जगह जय माता दी के जयकारे गूंज उठे। पंडालों में श्रद्घालुओं का आना जाना शुरू हो गया। व्रती महिलाओं व पुरुषों ने मां दुर्गा की आराधना कर आशीर्वाद लिया। भक्त मां दुर्गा का दर्शन कर भाव विभोर हो उठे। व्रती महिलाओं ने मां दुर्गा को लाल चुनरी और नारियल चढ़ाया। दुर्गा पूजा समितियों के कार्यकर्ता पूरे मनोयोग से पूजा स्थल पर जमे रहे और प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए। आरती के समय पंडालों में काफी भीड़ देखी गई। नगर के हिंदी भवन का दुुर्गा पंडाल कश्मीर थीम आधारित पुलवामा हमला, पायलट अभिनंदन आकर्षण का केंद्र रहा। गोला बाजार का दुर्गा पंडाल चंद्रयान टू, रौजा बाजार का कैलाश पर्वत थीम आधारित सहित कई दुर्गा पंडाल आकर्षण का केंद्र रहा। प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। नगर के स्वदेशी काटन मिल, सहादतपुरा, हिंदी भवन, रौजा, गोला बाजार, अलहदादपुर सहित 357 दुुुुर्गा पंडालों में पुरोहितों ने शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण प्रतिष्ठा कराकर आरती करायी। शंखनाद से पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। मां दुर्गा के जयकारेसे पूरा आकाश गुंजायमान हो गया। दुर्गा प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के बाद नगर क्षेत्र में चहल पहल देखते ही बन रही थी। श्रद्घालु मां दुर्गा का दर्शन करने के लिए लालायित रहे। महिलाओं व पुरुषों की भीड़ शाम होते ही बढ़ गई। व्रती महिलाएं व पुरुष लाइन में लगकर पूजन अर्चन किया। नगर के हिंदी भवन का दुर्गा पंडाल कश्मीर थीम आधारित पुलवामा हमला, पायलट अभिनंदन की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। गोला बाजार का दुर्गा पंडाल चंद्रयान टू तथा रौजा का दुर्गा पंडाल कैलाश पर्वत थीम आधारित रहा। थानावार दुर्गा प्रतिमाओं पर नजर डालें तो शहर कोतवाली में 28, दक्षिणटोला में 11, सरायलखंसी 33, घोसी में 48, दोहरीघाट में 24, कोपागंज में 47, मुहम्मदाबाद गोहना में 32, चिरैयाकोट में 20, रानीपुर में 20, मधुबन में 64 व हलधरपुर में 30 दुर्गा पंडालों मेें विधिवत पूजन अर्चन शुरू हो गया।