जिला अस्पताल में मूकबधिर बच्चों का परीक्षण करते स्वास्थ्य कर्मी।
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मऊ। जिला अस्पताल में मूक बधिर बच्चों के इलाज के लिए शनिवार को शिविर का आयेेजन किया गया। इस शिविर में शासन से अधिकृत डा. एस एन मेहरोत्रा मेमोरियल ईएनटी फाउंडेशन के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अर्जुन वाजपेयी की टीम ने 72 मूक बधिर बच्चों का परीक्षण किया। विशेषज्ञों ने इनमे 37 ऐसे बच्चों का चयन किया जो सर्जरी से ठीक हो सकते हैं और विकलांगता से मुुक्ति पा सकते हैं। इस अवसर पर जिले के 0 से 5 साल के 72 मूक बधिर बच्चों का परीक्षण किया गया। जिसमें 37 बच्चों को आपरेशन के लिए चिह्नित किया गया। डा. वाजपेई ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ऐसे बच्चों की पहचान कर उनके नि: शुल्क इलाज की व्यवस्था कराते हैं। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ प्रति 1000 नवजात बच्चों में औसतन 6 बच्चा जन्मजात मूक-बधिर का शिकार होता है। यदि उसका सही समय पर सही इलाज नहीं होता है तो वह गूंगेपन का शिकार हो जाता हैं। उन्होंने बताया कि यदि 6 माह के अंदर ऐसे मूक-बधिर बच्चे की कॉकलियर इमप्लांट सजर्री हो जाए, तो बेहद शानदार नतीजे आते हैं। इस दौरान जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ ब्रिज कुमार, आरबीएसके के डीईआईसी मैनेजर अरविन्द कुमार वर्मा, हस्पिटल मैनेजर जसवंत कुमार, हेल्प डेस्क मैनेजर राम प्रदेश, दिव्यांग जन सशक्ती करण अधिकारी रितेश बिंदल, डॉ. एसएन मेहरोत्रा मेमोरियल ईएनटी फाउंडेशन से सैफ अहमद, नागेन्द्र मिश्रा परियोजना अधिकारी, समस्त ब्लॉक के आर बी एस के टीम के सदस्य उपस्थित रहे।