मऊ। जिले की एक महिला अधिकारी से चुनाव खर्च के नाम पर एक भाजपा नेता द्वारा चुनाव के लिए मदद मांगने के बाद सुर्खियों में आए भाजपा से जुड़े किसान मोर्चा के पदाधिकारी को दिया गया गनर पुलिस ने हटा लिया है। भाजपा नेता को यह गनर बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के दिया गया था। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर आरोपों की जांच कर रही है।हालांकि पार्टी ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं किया है। इस समाचार को अमर उजाला ने 13 अगस्त के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अमर उजाला की खबर के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई किया है। जिले के मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के एक भाजपा नेता माधव कृष्ण त्रिपाठी को पुलिस की ओर से एक गनर दिया गया था। भाजपा नेता द्वारा जिले की एक महिला अधिकारी से चुनाव में मदद के नाम पर दो लाख रुपये की मदद मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर कुछ दिनों पूर्व वायरल हुआ था। महिला विभागीय नियमों का हवाला देते हुए पिंड छुड़ाने की कोशिश की जा रही थी लेकिन सत्ताधारी नेता दबाव बनाए जा रहे थे। महिला अधिकारी द्वारा कहा जा रहा था कि वे ऐसे कामों में रुचि नहीं लेती हैं लेकिन जो भी संभव हो सकेगा, उसे स्वीकार कर लीजिएगा। नेता अपनी बात पर अड़े रहकर कोटेदारों की सप्लाई रोक देने, चार किलो राशन कम कर देने की सलाह देते हुए रकम मांगी जा रही थी। उधर इसी भाजपा नेता के विरुद्ध मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली के भदीड़ गांव निवासी शशि कुमार और सूर्य कुमार तथा पवन कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि गनर भेजकर अपने घर बुलाए। घर जाने पर भाजपा नेता ने गेट के पास जमीन देने का दबाव बनाने लगे। इनकार करने पर भाजपा नेता ने अपने गनर से धमकाया। इन तीनों युवकों ने सीओ और एसपी को भी तहरीर की प्रति भेजी थी। इस बारे में भाजपा नेता माधव कृष्ण त्रिपाठी का कहना था कि वायरल वीडियो से उनका कोई लेना देना नहीं है। उधर डीआईजी मनोज तिवारी का कहना है कि भाजपा नेता को बिना किसी अधिकारिक आदेश के ही गनर दिया गया था। उसे हटा लिया गया है। इस बाबत एसपी अनुराग आर्य का कहना है कि प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उधर भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्ग विजय राय और भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े संतोष सिंह डंगौली का कहना है कि माधव कृष्ण त्रिपाठी के विरुद्ध जनपद अथवा प्रदेश स्तर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।