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मधुबन के देवारा में तेजी से हो रही कटान

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दुबारी में धर्मपुर के बिंदटोलिया गांव के पास घाघरा नदी द्वारा हो रही कटान को देखता ग्रामीण। - फोटो : MAU
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मऊ। घाघरा के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने से तटवर्ती इलाके के लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सता रही। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी खतरा निशान की तरफ तेजी से बढ़ रही है। मधुबन के देवारा इलाके के तीन किमी दायरा में कटान जारी रहने से किसानों को भूमिहीन होने का डर सताने लगा है। सिंचाई विभाग की तरफ से कटान रोकने के लिए उपाय करना तो दूर कार्ययोजना तक नहीं बनाई जा सकी है। नदी के उग्र रुख से दोहरीघाट कस्बा की ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। घाघरा के जलस्तर में जैसे-जैसे वृद्धि हो रही है वैसे-वैसे लोगो के दिलों की धड़कनें तेज होती जा रही है। बुधवार को घाघरा का जलस्तर 69.25 मीटर रहा। जबकि सोमवार को नदी का जलस्तर 69.10 मीटर रहा। नदी के उग्र रुख से नगर की ऐतिहासिक धरोहरे मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण का डाक बंगला, डीह बाबा,हनुमान मंदिर आदि का अस्तित्व पुन: खतरे में पड़ गया है। उधर मधुबन क्षेत्र के देवारा इलाके के धर्मपुर, दुबारी, बिंद टोलिया क्षेत्र के तीन किमी दायरे में कटान जारी होने से किसानों को भूमिहीन होने की चिंता सताने लगी है। किसानों की मानें तो 15 दिनों में 50 एकड़ से अधिक खेती योग्य भूमि नदी में विलीन हो चुकी है। शिकायत के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ पर धरे बैठे हैं। सूत्रों की मानें तो मधुबन के देवारा इलाके में हो रही कटान प्रोजेक्ट की लागत बहुत ज्यादा आ रही है। इसके चलते अधिकारी प्रस्ताव बनाने से हाथ खड़ा कर ले रहे हैं। इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान का कहना है कि मधुबन के धर्मपुर, बिंदटोलिया, दुबारी में तीन किमी एरिया में कटान हो रही है। शासन की तरफ कटान प्रोजेक्ट का प्रस्ताव बनाने का निर्देश नहीं मिला है। दोहरीघाट: घाघरा के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने से नगर सहित तटवर्ती इलाको के लोगो की बेचैनी बढ़ती जा रही है। नगर की ऐतिहासिक धरोहरे मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर,लोक निर्माण का डाक बंगला, डीह बाबा,हनुमान मंदिर आदि का अस्तित्व पुन: खतरे में पड़ गया है। इसके साथ ही घाघरा के तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नई बाजार, नवली, बहादुरपुर, पतनई, सरया, ठाकुरगाव, बीवीपुर, ताहिरपुर, सरासो, पाऊस, गोधनी, कोरौली, ठिकरहिया, महुआबारी,रसूलपुर,सूरजपुर सहित विभिन्न गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
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