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ग्राम शिक्षा निधि डंप पड़े धन का शासन ने मांगा ब्यौरा:

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मऊ। जिले के समस्त परिषदीय विद्यालयों में वर्ष 010 के पूर्व गठित ग्राम शिक्षा निधि के खातों में डंप लाखों रुपये का शासन ने ब्यौरा मांगा है। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से विद्यालयों में गठित ग्राम शिक्षा निधि सहित सभी बैंक खातों का पूरा विवरण मांगा है। सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी ने सभी बीईओ को इस बारे में पत्र जारी कर दिया है। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग से संबद्ध 1712 विद्यालय हैं। सरकार की ओर से योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए छात्रवृत्ति, नि:शुल्क ड्रेस वितरण, भवन निर्माण आदि के मद का धन भेजे जाने के लिए 2010 से विद्यालय प्रबंध समिति का गठन किया गया है। 2010 से पूर्व ग्राम शिक्षा निधि गठित थी। विद्यालय में नई समिति ने कार्य करना शुरू तो कर दिया, लेकिन कई विद्यालयों के ग्राम शिक्षा निधि के खाते में पड़े धन को खर्च ही नहीं किया गया। हाल ही में शासन स्तर पर हुई समीक्षा बैठक में विद्यालयों के ग्राम शिक्षा निधि के खाते में लाखों रुपये डंप होने का मामला प्रकाश में आया। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के प्रधानाध्यापकों से ग्राम शिक्षा निधि, विद्यालय प्रबंध समिति, मिड-डे-मील सहित विभिन्न खातों के पासबुक का स्टेटमेंट बीईओ कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया है। इसके लिए प्रत्येक ब्लाक में 10-10 स्कूलों का रोस्टर बनाया गया है। संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक अपने-अपने विद्यालय में संचालित सभी बैंक खातों के स्टेटमेंट बीईओ कार्यालय में जमा करेंगे। अधिकारियों की मानें तो ग्राम शिक्षा निधि के खाते में डंप पड़े धन का पूरा विवरण मिलने के बाद उसे विद्यालयों के विकास कार्य में खर्च किया जाएगा। सहायक वित्त व लेखाधिकारी मनोज तिवारी ने कहा कि जिले के समस्त प्रधानाध्यापकों से ग्राम शिक्षा निधि, विद्यालय प्रबंध समिति, मिड-डे-मील सहित विभिन्न खातों के पासबुक का स्टेटमेंटखंड जमा कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया गया है।
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