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विशेष परीक्षा में शामिल हुए 1.10 लाख परीक्षार्थी

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नगर के एक स्कूल में मिशन पहचान परीक्षा के दौरान मौजूद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी - फोटो : MAU
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मऊ। परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए मिशन पहचान की विशेष परीक्षा बुधवार को हुई। परीक्षा में 1.10 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए। मिशन पहचान के तहत जुलाई माह का अंतिम दिन बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से विशेष परीक्षा का आयोजन किया गया।बेसिक शिा्षा की दशा और दिशा बदलने के लिए नवाचार के तहत एक और अनोखी पहल देखने को मिली। इस पहल के तहत हर बार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रश्न पत्र वाट्सएप के माध्यम से प्रत्येक स्कूल के प्रत्येक अध्यापक तक भेजा जाता था। 1 दिन पूर्व उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई जाती थी परंतु इस बार एक नया नवाचार का प्रयोग करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जनपद के सभी अध्यापकों को यह निर्देशित किया था कि अब तक के पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षक स्वयं अपने बच्चों के लिए प्रश्न पत्र का निर्माण कराएं और बच्चों की मिशन पहचान की प्रतियोगी परीक्षा कराएं । इसे जनपद के सभी शिक्षकों ने उत्साह के साथ हाथों-हाथ लिया और समय प्रश्नपत्र बनाकर 50 प्रश्नों के माध्यम से एक घंटे का समय देकर बच्चों के शैक्षिक स्तर का मूल्यांकन किया। बच्चों के अंदर खासा उत्साह दिखा। परीक्षा में बीएसए ओपी त्रिपाठी सहित खंड शिक्षा अधिकारी, सह समन्वयक एवं कार्यालय के कर्मचारियों ने परीक्षा का निरीक्षण किया। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्वयं कंपोजिट विद्यालय कसारा एवं कंपोजिट विद्यालय मझवारा का निरीक्षण किया। मधुबन : शिक्षा क्षेत्र फतेहपुर मंडाव में खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में नये सत्र के प्रथम मिशन पहचान परीक्षा बुधवार को आयोजन हुआ। परीक्षा में दस हजार बच्चों ने भाग लिया। बीएसए ओपी त्रिपाठी ने विद्यालयों की जांच की। इस दौरान एबीआरसी जमील अहमद, संजीव सिंह, गुलाब गुप्त, राधेश्याम पांडेय, रवीन्द्र मौर्य की गठित टीम ने विद्यालयों का दौरा किया । बीईओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस प्रकार की परीक्षाओं से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा वर्तमान सत्र मे छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकेगी तथा मिशन पहचान से परिषदीय विद्यालयों की दशा और दिशा में सुधार देखने को मिलेगा।
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