मधुबन। तहसील क्षेत्र में किसानों की सुविधा के लिए स्थापित किए गए चार धान क्रय केंद्रों में से सिर्फ मधुबन केंद्र पर 15 दिन बाद 1680 क्विंटल धान की खरीद हुई। इससे पूर्व केंद्रों पर सन्नाटा छाया रहा। बताते चले कि किसानों के नहीं पहुंचने से क्रय केंद्रों पर सन्नाटा छाया हुआ था। ऐसे में 15 दिनों तक खरीद शून्य रहा। जबकि किसानों का पंजीकरण जारी है। क्रय केंद्रों पर मात्र पोस्टर बैनर ही सुशोभित हो रहा था। जबकि तहसील क्षेत्र में बनाए गए चार धान क्रय केंद्रों पर लक्ष्य 25040 कुंटल के सापेक्ष खरीदारी शून्य था । धान क्रय केंद्रों पर बोरे उपलब्ध है। शासन द्वारा किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए 1 नवंबर 2019 से 28 फरवरी 2020 तक 1835 रू प्रति कुंतल के हिसाब से खरीद की जिम्मेदारी विपरण, पीसीएफ यूपी एग्रो के जिम्मे सौंपी गई है। इसी के तहत मधुबन तहसील क्षेत्र के विपणन शाखा मधुबन, साधन सहकारी समिति नेमढाड़, साधन सहकारी समिति गजियापुर, साधन सहकारी समिति कमल सागर को धान क्रय केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों पर बोरे भी उपलब्ध है। लेकिन क्रय केंद्रों पर 15 दिनों तक धान की आवक नहीं होने के चलते खरीदारी शून्य थी। विपणन शाखा मधुबन ने शुक्रवार को 1680 क्विंटल धान की खरीददारी कर मधुबन में धान खरीद का खाता खोल दिया है । इस बावत एसएमआई अमरदीप दुबे ने बताया कि अब धान की आवक शुरू हो गई है। किसान अपने धान की बिक्री के लिए नंबर लगाने में जुटे है । जिनका धान निर्धारित समय के अंदर क्रय कर लिया जाएगा ।