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धान क्रय केंद्रों पर खरीद शून्य, सन्नाटा

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मऊ। जिले में धान खरीद समय सीमा शुरू होने के 10 दिन बाद भी धान क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। कारण, बिक्री के लिए बैनर पोस्टर का न लगाया जाना है। ऐसे में खरीद शून्य है। जबकि 3736 किसानों ने आनलाइन पंजीकरण कराया है। धान खरीद का लक्ष्य 71 हजार एमटी रखा गया है। उधर, अधिकारी आवक न होने से धान खरीद न होने की बात कर रहे। जिले के किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रशासन की तरफ से धान खरीद की जिम्मेदारी विपणन, पीसीएफ, यूपी एग्रो, कर्मचारी कल्याण निगम को सौंपी गई है। चार एजेंसियों से संबद्ध 42 धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। धान खरीद का लक्ष्य 71 हजार एमटी निर्धारित किया गया है। धान खरीद समय सीमा शुरू होने के 10 दिन बाद भी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। कई धान क्रय केंद्रों पर बैनर पोस्टर तक नहीं लग सका है। धान खरीद शून्य रही। जबकि 3736 किसानों ने आनलाइन पंजीकरण कराया है। इसमें 100 कुंतल से अधिक धान बेचने वाले 686 किसानों के गाटा का सत्यापन कर लिया गया है। अधिकारियों की मानें तो छोटी सरयू नदी में बाढ़ आने के चलते कोपागंज तथा रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के गांवों के खेतों में पानी भर गया है। इसके साथ ही पिछले महीने हवा चलने के चलते धान की फसल गिर जाने से कटाई में समस्या आ रही है। इसके चलते क्रय केंद्रों पर किसान नहीं आ रहे हैं। अमिला: कस्बा में धान क्रय केंद्र बनाया गया है। केंद्र तो खुला रहा। लेकिन किसानों के न आने से क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा रहा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी वीके सिन्हा ने बताया कि धान क्रय केंद्रों पर आवक न होने से धान खरीद शून्य चल रही है। अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के लिए किसानों को जागरुक किया जा रहा है। क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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