रानीपुर। हुड़रहा की मठिया गांव निवासी मारे गए दंपती शिवचंद चौहान और उसकी पत्नी गीता चौहान के शवों को पीएम कराने के बाद शनिवार की देर शाम को पुलिस ने परिवार वालों को सौंप दिया। पुलिस सुरक्षा में पति पत्नी के शवों को उसके घर पह़ुंचाया गया।एक ही साथ पति पत्नी के शवों को देखकर परिवार और रिश्तेदारी तथा गांव की महिलाएं करुण क्रंदन कर उठीं। सारे गांव का माहौल गमगीन हो गया। सबकी आंखों में आंसू थे। लोग कह रहे थे कि जमीन के छोटे से टुकड़े को लेकर इतना बड़ा हत्याकांड कर दिया गया। महिलाएं रो रोकर कह रही थीं कि अपने सामने पति पर हो रहे हमले को रोकने के लिए गीता हमलावरों से जूझ गई लेकिन नृसंश हत्यारों ने एक अबला को नहीं बख्शा और बघारी मारकर उसको भी मौत घाट उतार दिया। मारे गए हत्यारों की इस क्रूर करतूत से अब उसके तीन बेटे अनाथ हो गए । गांव के लोग कह रहे थे कि हत्यारों को 70 साल के बुजर्ग पर हमला करते समय तनिक भी दया नहीं आई। मारे गए शिवचंद की ताई फूलमती ने बताया कि जब शोर सुनकर भागकर मौके पर पहुंची तो बुजुर्ग देवकी हमलावरों के हमले में गंभीर रुप से घायल हो चुके थे। हमलावरों ने उनके पेट में बघारी मार दिया था। वे अपने घाव को हाथों से दबाकर अपने बेटे और बहू को देखने के लिए कह रहे थे। गंभीर रूप से घायल एक बुजुर्ग अपने घावों की चिंता नकर अपने बेटे को संभालने की गुहार लगा रहे थे। कह रहे थे कि मैं ठीक हूं ,शिवचंद और गीता को देखो , उन्हें ज्यादा चोट तो नहीं आई। वे दोनों ठीक तो हैं न। उन्हें नहीं पता था कि हत्यारों ने उन दोनों को एक साथ ही मौत के घाट उतार दिया था। महिला की यह बातें सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें बरस जा रही थीं। घर पर औपचारिताएं निभाने के बाद दोनों के शवों को एक साथ अंतिम सस्कार के लिए गाजीपुर ले जाया गया।