मऊ। लखनऊ की एक रियल स्टेट कंपनी ने जिले के कई निवेशकों से लाखों रुपये हड़प लिए। पुलिस से शिकायत करने के बाद कंपनी संचालक ने फर्जी चेक जारी कर दिया। भुगतान लेने गए गए निवेशकों को बैंको से पता चला कि कंपनी का खाता ही बंद हो गया है। निवेशकों ने प्रधानमंत्री, मुख्य मंत्री सहित उच्चाधिकारियों को प्रार्थनापत्र भेजा है। जबकि कई ने अदालत में मुकदमे भी दायर कर दिए हैं। हलधरपुर थाना के रतनपुरा बाजार के व्यवसायी फतेहबहादुर गुप्ता, उनके साथी रसड़ा कोतवाली के भेलाई गांव निवासी अरविंद तिवारी, अच्छेलाल यादव ने लखनऊ की एक रीयल स्टेट कंपनी को तीन तीन लाख रुपये दस महीने पहले जमा किए थे। जबकि फतेह बहादुर की बेटी अंजलि ने 50 हजार रुपये जमा किए थे। कंपनी के नियमों के अनुसार जमा की गई रकम का दुगुना दो साल के अंदर मासिक किश्तों में वापस लौटाना था। यह किस्त रुपये जमा करने के अगले ही महीने से देनी थी। कंपनी ने इन निवेशकों में से दो को तो 25 -25 हजार रुपये मासिक किस्तें दे दीं। लेकिन फतेहबहादुर को महज साढ़े बारह हजार दिए और अंजली गुप्ता को एक भी रुपये नहीं दिए। इन निवेशकों ने कंपनी के आफिस में संपर्क किया तो उन्हें सिर्फ आश्वासन दिए गए। निराश निवेशकों ने गोमती नगर थाने में शिकायत की। बढ़ता दबाव देख कंपनी संचालक ने इन चारों निवेशकों को सिर्फ मूल धन दे पाने की बात कहते हुए चेक पकड़ा दिया। जब चेक लेकर निवशेक बैंकों में पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि कंपनी का यह खाता तो पहले ही बंद कर दिया गया है। निवेशकों ने जब कंपनी संचालक से शिकायत किया तो उन्हें धमकियां दी गईं। निवेशकों का कहना है कि कंपनी दो सगे भाई संचालित कर रहे थे और आकर्षक योजना दिखाकर लोगों को फंसाते हैं। दो निवेशकों ने वसुंधरा स्पेस डेवलपर्स प्राईवेट लिमिटेड लखनऊ नामक रियल स्टेट कंपनी के विरुद्ध 138 नेगोशिएबल एक्ट के तहत वाद भी दायर किया है।