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विरोध पर पुलिस ने बंद कराया भंडारा

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कोपागंज। कसबा के थाने के पीछे स्थित प्राचीन राधेकृष्ण मंदिर और धर्मशाला में गुरुवार की शाम को एक पक्ष द्वारा कराए गए भंडारे को पुलिस ने दूसरे पक्ष के विरोध पर बंद करा दिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने मंदिर खाली करा दिया। कोपागंज थाने के पीछे स्थित प्राचीन राधेकृष्ण मंदिर और धर्मशाला के मालिकाना हक़ को लेकर पिछले कई सालों से दो पक्षों में विवाद चल रहा है। गुरुवार की शाम साहू समाज के लोगों ने श्रावणी पूजा को लेकर भंडारे का आयोजन किया था। इसकी जानकारी दूसरे पक्ष के एक परिवार के लोगों को हुई तो थाने पहुंच पुलिस से शिकायत करके लोगों को वहां से हटाने का अनुरोध किया। एक पक्ष के विरोध को देखते हुए थानाध्यक्ष रुद्रभान पांडेय ने कहा कि पांच पांच लोग वहां पर जल चढ़ा सकते हैं, लेकिन यहां पर भंडारा करने का आदेश नहीं है। पुलिस ने भंडारे के आयोजकों को समझा बुझाकर वापस कर दिया। लेकिन कुछ समय बाद ही साहू समाज के लोगों धर्मशाला के अंदर भंडारे का आयोजन करने लगे। इनका दावा था कि सैकड़ों साल से समाज की ओर से ऐसे आयोजन किए गए हैं। जैसे ही इसकी जानकारी दूसरे पक्ष के लोगों को हुई, वहां पहुंचकर आयोजन रोकवाते हुए हंगामा करने लगे। इन लोगों का कहना था कि जब 146 के तहत जब संपत्ति को कुर्क कर दिया गया है और 145 की कार्यवाही भी हो चुकी है तो कैसे इन लोगों को विवादित जगह पर इतना बड़ा आयोजन करने की अनुमति दी जा रही है। मामला बढ़ता देख पुलिस ने किसी प्रकार दोनों पक्षों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया और भंडारे का आयोजन रोकवा दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष रुद्रभान पांडेय का कहना था कि भंडारा पहले से चलता आ रहा था, इसी को देखते हुए लोगों को वहां से समझा बुझाकर हटाया गया और मामले को शांत कराया गया।
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