घोसी नगर के करीमुद्दीनपुर के मधुबन रोड पर अतिक्रमण हटाने गयी टीम के साथ अभद्र व्यवहार करती भीड़।
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घोसी। कोतवाली क्षेत्र के करीमुद्दीनपुर गांव में पोखरी से अतिक्रमण हटाने गई राजस्व टीम पर कुछ मनबढों ने पुलिस की मौजूदगी में पथराव के साथ बदसलूकी की। पथराव से मौके पर अफरातफरी मच गई। पथराव में दो लेखपाल घायल हुए हैं। पुलिस ने उनका मेडिकल कराया। लेखपाल की दी गई तहरीर में चार को नामजद कर सैकड़ों अज्ञात को आरोपित किया गया है। करीमुद्दीनपुर मुहल्ला स्थित एक पोखरी पर 24 लोगों ने अतिक्रमण कर उसे पाट दिया है। नगर पंचायत की तरफ से अतिक्रमण की शिकायत एसडीएम से की गई। एसडीएम ने जांच कराई तो मामला सही निकला। एसडीएम के आदेश पर 20 जुलाई को राजस्व टीम ने पैमाईश कर अतिक्रमण की गई पोखरी का सीमांकन किया था। अतिक्रमण हटाने के लिए एसडीएम निरंकार सिंह ने टीम गठित की थी। जिसमें राजस्व निरीक्षक विजय सिंह, लेखपाल सत्येंद्र सिंह, रामभरोस चौहान, राजेंद्र राम और पंकज चौहान शामिल थे। बुधवार को पुलिस की सुरक्षा में राजस्व टीम पोखरी से अतिक्रमण हटाने के लिए करीमुद्दीनपुर गांव पहुंची। जैसे ही जेसीबी ने खोदाइ शुरु की, तभी सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोग टीम के साथ बदसलूकी करते हुए उन्हें वापस जाने का दबाव बनाने लगे। पुलिस ने जब भीड़ को खदेड़ा तो भीड़ ने राजस्व टीम पर पथराव कर दिया। जिसमें लेखपाल सत्येंद्र सिंह और रामभरोसे चौहान घायल हो गए। घायल लेखपाल सत्येंद्र सिंह ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें करीमुद्दीनपुर निवासी नुरूल पुत्र जहूर, सपा नेता शोएब निजामी पुत्र खैरुल बशर अंसारी के साथ उनके पुत्र और भाई नाम अज्ञात और अफजाल पुत्र मन्नान के साथ करीब सौ अज्ञात को आरोपित किया। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि नामजद आरोपियों ने लेखपाल राजेंद्र को जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां दीं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है जबकि घायल लेखपालों का मेडिकल कराने उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया। एसडीएम निरंकार सिंह ने कहा कि पोखरी की जमीन पर कब्जा करने वाले 24 लोगों का शांति भंग की धारा में चालान कर उनके विरुद्घ वारंट जारी किया गया है। जबकि लेखपाल की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। मामले की जांच कराने के बाद दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई तय की जाएगी।