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मां की हत्या में बेटे को आजीवन कारावास

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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक रामराज ने मां की हत्या और पिता की हत्या के प्रयास के मामले में नामजद बेटे को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। मामला कोतवाली मुहम्मदाबादगोहना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, चेरूईडीह गांव निवासिनी सोनी यादव पत्नी बबलू यादव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादिनी का कथन है कि 23 दिसंबर 2016 की रात्रि में उसका भसुर अजीत यादव पुत्र श्रीराम ने उसकी सास विसाती देवी और ससुर श्रीराम यादव को हिस्सेदारी की मांग को लेकर मारपीट कर घायल कर दिया। इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में विसाती देवी की मौत हो गई। पुलिस ने वादिनी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना चेरूईडीह गांव निवासी अजीत यादव पुत्र श्रीराम यादव के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी राजेश पांडेय ने कुल 10 गवाहों को पेश किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी अजीत यादव को अपनी मां विसाती देवी की हत्या तथा पिता श्रीराम की हत्या का प्रयास के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही दस हजार रूपया अर्थदंड तथा हत्या का प्रयास के मामले में आठ वर्ष की सजा के साथ ही पांच हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर 50 प्रतिशत धनराशि मृतका के वारिसान तथा घायल को देने का आदेश दिया।
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