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हत्या के मामले में एकही गांव के छह को आजीवन कारावास

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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक आदिल आफताब अहमद ने हत्या के मामले में नामजद एकही गांव के छह आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ ही कुल 48-48 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है । अभियोजन के अनुसार मधुबन थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव निवासी रफीउल्लाह पुत्र शमीउल्लाह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन था कि लड़कों के विवाद को लेकर 10 मई 2008 को आरोपीगण ने उजैर अहमद, हतीम और आमीर को लाठी डंडे से मारकर घायल कर दिया। इलाज के दौरान उजैर अहमद की मौत हो गई। वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने चौधरीपुर गांव निवासी रामप्रीत पुत्र गोकुल, रामसमुझ पुत्र मोतीचंद, भूपेंद्र पुत्र मानसिंह, अंगद पुत्र सुरेंद्र, अनिरुद्ध पुत्र विजयशंकर और लाल बहादुर पुत्र बंगाली के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह ने कुल 12 गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से तर्क दिया गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण रामप्रीत, रामसमुझ,भूपेंद्र, अंगद, अनिरुद्ध और लालबहादुर को घातक हथियार से लैस होकर बलवा करने, हत्या, मारपीट, धमकी और गाली देने का दोषी पाया। सभी को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 40 - 40 हजार रुपये अर्थदंड, मारपीट में छह-छह माह की सजा पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड, गाली के मामले में छह-छह माह की सजा के साथ ही एक-एक हजार रुपये अर्थदंड, गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ ही तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड, घातक हथियार से लैस होकर बलवा करने में एक-एक वर्ष की सजा के साथ ही एक-एक हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया।
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