मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आदिल आफताब अहमद ने बुधवार को चोरी का वाहन बरामदगी के मामले में आरोपी की जमानत इस शर्त पर स्वीकार किया कि आरोपी साक्ष्यों को प्रभावित नहीं करेगा, जमानत का दुरुपयोग नहीं करेगा तथा जेल से छूटने के तीस दिन के अंदर कम से कम दस पौधा लगाकर ग्राम प्रधान के प्रमाण पत्र के साथ न्यायालय को सूचित करेगा। अगर इसमें चूक करता है तो उसकी जमानत निरस्त की जा सकती है। इसके अलावा दूसरे दिन भी एडीजे ने अपना अभियान जारी रखा। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पत्रावलियों में आरोपियों की गैरहाजिरी का प्रार्थना पत्र भी इस शर्त पर स्वीकार किया कि आरोपीगण अगली तिथि तक एक पौधा लगाकर न्यायालय को सूचित करेंगे। मंगलवार को शुरू की गई इस नई पहल की बुधवार को कचहरी परिसर में दिनभर चर्चा होती रही। सभी एडीजे के इस आदेश और नई पहल की सराहना करते नजर आए। मामले के अनुसार वादी मुकदमा रामदुलारे की तहरीर पर कोतवाली घोसी में रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन था कि वह नवजीवन अस्पताल में भर्ती मरीज को देखने के लिए 15 मार्च 2019 को मोटरसाइकिल से गया। वाहन बाहर खड़ाकर अस्पताल के अंदर गया। वापस आने पर उसका वाहन नही मिला। पुलिस ने वादी का वाहन आरोपी के पास से बरामद किया। मामले में आरोपी गोरखपुर जिले के बड़हलगंज कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी गुलशन गोड़ पुत्र विजयबहादुर की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। एडीजे ने आरोपी की जमानत कुछ शर्तों पर स्वीकार किया। एडीजे ने अपने आदेश में लिखा कि आरोपी साक्ष्यों को प्रभावित नहीं करेगा, जमानत का दुरुपयोग नही करेगा तथा जेल से छूटने के तीस दिन के अंदर कम से कम दस पौधा लगाकर ग्राम प्रधान के प्रमाण पत्र के साथ न्यायालय को सूचित करेगा। अगर इसमें चूक करता है तो उसकी जमानत निरस्त की जा सकती है।