रतनपुरा। ब्लॉक में स्थित पशु चिकित्सालय में अस्थाई पशु आश्रय केंद्र में पानी और कीचड़ में फंस कर तीन गोवंश मर गए। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम सदर ने यहां से पशुओं को हटाकर अइलख गांव में बने पशु आश्रय केंद्र में भेजवाया गया। स्थापना के समय यहां 200 घुमंतू पशुओं को रखा गया था। उनकी देखभाल के लिए 20 सफाई कर्मियों को लगाया गया। पांच दिनों तक लगातार तक हुई बारिश के चलते पशु आश्रय केंद्र में पानी भर गया। सफाई कर्मियों की लापरवाही के चलते डेढ़ दर्जन गोवंश कीचड़ में गिर गए। लोगों ने बताया कि सफाई कर्मियों ने देखने के बाद भी गोवंशों को उठाया नहीं। कीचड़ में गिरे होने की वजह से मंगलवार की रात तीन गोवंश मर गए। पशुु आश्रय केंद्र में गोवंशों के मरने की भनक सुबह कुछ लोगो को हुई तो लोगों ने एसडीएम सदर को फोन से जानकारी दी। एसडीएम अतुल वत्स ने नायब तहसीलदार को मौके पर भेजकर स्थिति की जानकारी ली। नायब तहसीलदार की रिपोर्ट पर रतनपुरा ब्लॉक में बने निराश्रित पशु आश्रय केंद्र से सभी गोवंशों को हटाकर अईलख ग्राम पंचायत में स्थित पशु आश्रय केंद्र पर भेजे जाने का निर्देश दिया। पशु चिकित्सालय के अधीक्षक डा. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि भारी बारिश से तीन पशु मरे हैं। आश्रय स्थल में काफी गंदगी फैली है, गोबर भी नहीं हटाया जाता है। पशुओं के बीमार पड़ने का यह मुख्य कारण है।