वरात्र के प्रथम दिन नगर के शीतला धाम पर माँ के दरबार में दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्घालु।
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मऊ। नवरात्र के पहले दिन रविवार को देवी मंदिरों में मां शैलपुत्री का दर्शन पूजन किया गया। इस दौरान लोगों ने व्रत रखा और मां दुर्गा के पहले स्वरूप के दर्शन कर अपने को धन्य किया। देवी मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। बारिश के बावजूद भी आस्था हिलोरे लेती रही। नवरात्रि पर्व के मद्देनजर जिले के प्रमुख मंदिरों को काफी आकर्षक ढंग से सजाया गया था। इसके साथ ही प्रमुख मंदिरों पर भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। भक्तों ने पूजा के लिए पहले से ही सारी तैयारियां पूरी कर ली थी। यही वजह था कि पहले दिन बारिश होने के बाद भी पूजा अर्चन करने वालें भक्तों में अपूर्व उत्साह देखने को मिला। पहले दिन खास तौर से वनदेवी धाम, शीतला माता धाम, मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर पर भारी संख्या में भक्तों की भीड़ देखी गई। श्रद्घालुओं द्वारा मंदिरों में भजन कीर्तन का भी आयोजन किया गया। सुबह से शुरू हुआ भजन कीर्तन का कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। उधर घंटों व शंख की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। उल्लेखनीय है कि दुर्गा के पहले अवतार शैल पुत्री को प्रकृति की देवी माना जाता है। देवी का यही स्वरूप भक्तों को पर्यावरण संतुलन की ओर प्रेरित करता है। मान्यता के अनुसार देवी का प्रथम अवतार सांस्कृतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, धार्मिक और वैज्ञानिक विचारों को प्रभावित करता है। मां दुर्गा के आराधना मात्र से ही मनुष्य के वैचारिक विकार दूर हो जाते हैं। शास्त्रों, पुराणों के मुताबिक हिमालय की पुत्री होने के कारण ही दुर्गा के पहले अवतार का नाम शैलपुत्री पड़ा। प्रकृति के भावों को स्पष्ट करने के लिए ही देवी के प्रथम स्वरूप के रूप में मां शैल पुत्री की आराधना की जाती है। यह भी मान्यता है कि शैल पुत्री की आराधना अकेले ही नहीं बल्कि भगवान शिव के साथ ही जानी चाहिए। इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए श्रद्घालुओं ने मंदिरों में जाकर शैल पुत्री की पूजा की। इस अवसर पर नगर क्षेत्र के माता पोखरा स्थित शीतला माता धाम, आजमगढ़ मोड़ समीप स्थित दुर्गा मंदिर, रोडवेज स्थित मां दुर्गा मंदिर सहित जिले के कहिनौर गांव स्थित वनदेवी धाम, खुरहट स्थित सीरियापुर की देई मां मंदिर, कोपागंज स्थित दुर्गा मंदिर, मांदी सिपाह में कोयलमर्याद भवानी माई मंदिर, मधुबन क्षेत्र के निधियांव गांव स्थित अष्टभुजी मंदिर समेत जिले के अन्य गांवों में स्थित तमाम देवी मंदिरों पर श्रद्घालुओं की भीड़ देखी गई। यह श्रद्घालु कतारबद्घ होकर इलायची, नारियल, दाना सहित मिष्ठान चढ़ाकर दर्शन पूजन कर रहे थे। साथ ही जयकारे भी लगा रहे थे। खासतौर से वनदेवी धाम व शीतला धाम पर श्रद्घालुओं की अपार संख्या को देखते हुए मंदिरो में सुरक्षा की व्यापक बंदोबस्त किए गए थे।