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मऊः यूपी सरकार को नोटिस जारी, मुख्यमंत्री योगी के मामले में पहले क्षेत्राधिकार के बिंदु पर होगी सुनवाई

Wed, 23 Mar 2022 07:36 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, मऊ

सार

योगी आदित्यनाथ ने 28 नवंबर 2018 को राजस्थान के अलवर जिले में विधानसभा चुनाव के दौरान सार्वजनिक सभा में कहा था कि बजरंगबली ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वयं वनवासी हैं, गिरवासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं।
 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मऊ में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामेश्वर ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/ एमपीएमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी के आदेश के विरुद्ध दाखिल निगरानी को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मंगलवार को नोटिस जारी करने का आदेश दिया था।

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बाद में उन्होंने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि घटनास्थल राजस्थान के जिला अलवर का है। इसलिए पहले इस बिंदु पर सुनवाई होगी कि इस न्यायालय को निगरानी सुनवाई का क्षेत्राधिकार है अथवा नहीं। लिहाजा केवल विपक्षी संख्या एक उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी हो।

जिला जज ने क्षेत्राधिकार बिंदु पर सुनवाई के लिए 26 अप्रैल की तिथि तय की है। कस्बा दोहरीघाट निवासी नवल किशोर शर्मा ने परिवाद दाखिल कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आरोपी बनाते हुए विचारण के लिए तलब करने का अनुरोध किया था।
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उनका कहना था कि योगी आदित्यनाथ ने 28 नवंबर 2018 को राजस्थान के अलवर जिले में विधानसभा चुनाव के दौरान सार्वजनिक सभा में कहा था कि बजरंगबली ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वयं वनवासी हैं, गिरवासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं। उनके भाषण से परिवादी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। 11 मार्च को इसकी सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/ एमपीएमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी ने परिवाद खारिज कर दिया था।

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