मऊ/रतनपुरा। रतनपुरा सीएचसी के चार कमरों में डंप मिलीं दवाइयां की जांच शुक्रवार को जिला मुख्यालय से पहुंची टीम ने की। देर शाम तक पांच पन्नों से अधिक की सूची बनाई गई। इसके बावजूद दवाइयों का स्टाक जांच के लिए बाकी है। जांच में 150 तरह की दवाइयों की जांच कर सूची बनाई जा चुकी है।
शुक्रवार को सीएमओ डॉ. नरेश अग्रवाल के निर्देश पर डॉ. ममता शर्मा तथा फार्मासिस्ट सुनील राय रतनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। दो सदस्यीय टीम ने दवाइंया तथा दूूसरे मिले चिकित्सीय वस्तुओं की जानकारी ली। शुक्रवार की शाम तक जांच चलती रही। पांच पन्नों की सूची बनाई गई है। इसमें 150 से ज्यादा दवाइयां हैं। अब भी कई दवाइयां की सूची बनना बाकी है।
डंप दवाइयां दो से तीन वर्ष पुरानी हैं। इसमें अधिकांश दवाइयां बच्चों को दी जाने वाली आयरन सीरप, आयरन टैबलेट की हैं। इसके अलावा प्रसूताओं को देने वाले सामान के साथ कार्यालय के प्रयोग में लाने वाले सामान जिसमें कुुर्सियां, वार्डों के बेड के लिए गद्दा आदि सामान भी रतनपुरा सीएचसी के बंद कमरों में मिला है।
बताया जा रहा है कि जिला मुख्यालय से भेजी गई कई दवाइयां तो जस की तस पड़ी हुई हैं। फिलहाल स्वास्थ्य टीम जांच कर रही है। बताते चलें कि बीते बुधवार को रतनपुरा सीएचसी की जांच में चार बंद कमरों का ताला तोड़कर दवाइयों की जांच की गई। रखे रखे अधिकतर दवाइयां एक्सपायर हो चुकी हैं। इस बाबत सीएमओ डॉ. नरेश अग्रवाल का कहना है कि जांच की जा रही है, मिली दवाइयां की सूची बनाने के साथ उसका बैच मिलान किया जा रहा है।
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खुलासा या हर बार एक नई पहेली बन रही हैं सरकारी दवाइंया
मऊ। बीते 25 नवंबर को रतनपुरा ब्लाक के गुलौरी ग्राम पंचायत में एक किसान के खेत में कुएं से बड़ी मात्रा में दवाइयां बरामद की गईं थीं। कुएं से दवाओं के मिलने के बाद गठित टीम जांच कर रही है। फेंकी गई सरकारी दवाइयां किस अस्पताल की हैं, इसकी जानकारी अब तक नहीं हो सकी। इस बीच दो बार बड़ी रतनपुरा सीएचसी में जांच के दौरान ऐसी दवाइयां मिलीं जो रखे रखे एक्सपायर हो चुकी हैं।