मऊ। विशेष जज पॉक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने 5 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को सुनवाई के बाद शुक्रवार को दोषी करार दिया। दोषी पाए जाने के बाद उसे पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास (जीवित रहने तक) की सजा के साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। वहीं जुर्माना जमा हो जाने पर उसमें 25 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया। मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र का है। 5 वर्षीय अबोध बच्ची के साथ अभियुक्त ने 20 जून 2022 को दुष्कर्म किया।
पुलिस ने पीड़ित के पिता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज करने के बाद मामले की जांच की। दोहरीघाट थाना क्षेत्र के गोठा लोहारपुरा निवासी रंजीत उर्फ गोलू पुल रामनवल के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट पेश किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने 7 गवाहों को पेशकर पीड़ित का पक्ष रखा। आरोपी पक्ष ने अपने बचाव में कहा कि इस मामले में हमें झूठा फंसाया गया है। विशेष जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के बाद आरोपी रंजीत उर्फ गोलू को पॉक्सो एक्ट के तहत उम्रकैद (जीवित रहने तक) की सजा के साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। जुर्माना न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड जमा हो जाने पर 25 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया। गवाहों को कोर्ट में पेश करने मे मुख्य आरक्षी श्यामधर यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।