मऊ। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कार्यालय में कन्या भ्रूण हत्या को लेकर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान कन्या भ्रूण हत्या रोकने पर बल दिया गया। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने आमजन को समाज में गिरते लिंगानुपात तथा कन्या भ्रूणहत्या रोकने के लिए जागरूक किया। बताया कि 1996 भारत में इसके लिए कानून बनाया गया है। इस अधिनियम के अन्तर्गत गर्भ में स्थित भ्रूण का परीक्षण कराना अपराध की श्रेणी में है। वर्तमान परिवेश में महिलायें/बच्चियॉ किसी भी क्षेत्र में पुरुष से कमतर नहीं हैं। मात्र स्त्री होना कोई अभिशाप नहीं है। ऐसे में लिंग परीक्षण को हतोत्साहित किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि लड़के या लड़की सभी समान है। इसमें कोई भेदभाव न करें। सबको समान शिक्षा का अवसर प्रदान करें। डा0 आर.बी. सिंह, नोडल अधिकारी पीएनडीटी ने बताया कि वर्तमान में जिले के लिंगानुपात में काफी अच्छा सुधार आया है। शिविर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.एन.दूबे, सीएमएस डॉ. चंद्रा सिन्हा, डॉ. वकील अली, पदम जैन,डॉ. अश्वनी कुमार सिंह, डॉ. आर.बी. सिंह आदि मौजूद रहे।