गर में राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ पर ढाई आखर प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा का स्वागत करते लोग।संवा?
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मऊ। आजादी के 75 वर्ष पर इप्टा द्वारा आयोजित ढाई आखर प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा मंगलवार को नगर में राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ पर पहुंची। यात्रियों का भीटी तिराहे पर भीमराव आंबेडकर के मूर्ति पर माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। आज के दौर में तेजी से बढ़ रहे नफरत और सांप्रदायिक बंटवारे पर चोट पहुंचाती आपसी सौहार्द का संदेश देते नाटक ‘लकीर’ ने उपस्थित जनता को बांधे रखा। ढाई आखर प्रेम यात्रा दरअसल स्वतंत्रता संग्राम के गर्भ से निकले स्वतंत्रता, समता, न्याय, बंधुत्व के उन मूल्यों की तलाश की यात्रा है जो आज नफरत, वर्चस्व और दंभ के तुमुल कोलाहल में डूब से गए हैं। ढाई आखर प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा उसी सिलसिले को आगे बढ़ाने वाली और नफरत के बरस प्रेम दया करुणा बंधुत्व क्षमता और न्याय से परिपूर्ण हिंदुस्तान के स्वप्न को समर्पित है। राकेश एवं समस्त ढाई आखर प्रेम की टीम द्वारा जयप्रकाश धूमकेतु को अंगवस्त्रम देकर सफल आयोजन के लिए सम्माति किया। सुबह सांस्कृतिक यात्रा को कालिका राम दुखी प्रसाद के शहीद स्थल पर माल्यार्पण के बाद मऊ नगर के सीमा पार तक आजमगढ़ के लिए विदा किया गया। संचालन जयप्रकाश धूमकेतु ने किया। इस दौरान वेदा, राकेश, शहजाद रिजवी, शिवचंद्र राम, रामविलास भारती, अरविंद मूर्ति, ओमप्रकाश सिंह ,अजीम खॉ, राम अवतार सिंह, अनुभव दास, रामू प्रसाद, त्रिभुवन शर्मा, सुमित उपाध्याय, डॉ.एके मिश्रा शामिल रहे।