मऊ। कलेक्ट्रेट में शनिवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में योजनाओं, राजस्व कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान जनपद में स्वामित्व योजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने तहसील घोसी एवं मुहम्मदाबाद गोहना में धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। संबंधित उप जिला अधिकारियों को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।
स्वामित्व योजना, राजस्व कार्यों, लंबित कोर्ट केस एवं अवमानना वाद, पीएम किसान सम्मान निधि योजना तथा आईजीआरएस की प्रगति जानने के लिए समीक्षा बैठक हुई। इसमें जनपद के 10 बड़े बकायेदारों से वसूली, मोटर दुर्घटना क्लेम से संबंधित वसूली एवं न्यायालय द्वारा जारी वसूली में धीमी प्रगति पर सभी उप जिलाधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। जिलाधिकारी ने संबंधित बकायेदारों के बैंक खातों के विवरण लेते हुए खातों को कुर्क करने तथा उनकी अचल संपत्तियों की नीलामी कर वसूली कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने वसूली कार्यों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले अमीनों की सूची भी तहसीलवार तैयार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के समीक्षा के दौरान उपनिदेशक कृषि ने बताया कि ओपन सोर्स डाटा के सत्यापन में तहसील स्तर पर 131 मामले लंबित हैं। जिसको शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश संबंधित उप जिलाधिकारियों को दिए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के भूलेख सत्यापन का फीडिंग कार्य भी उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिया। लंबित कोर्ट केस एवं अवमानना वाद की समीक्षा के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि 23 जुलाई तक कुल 9 प्रकरण लंबित थे, जिनमें एक प्रकरण में शपथ पत्र तैयार कर दाखिल किया जाना है। तीन प्रकरणों में निर्देश फाइल करना है। शेष 5 प्रकरणों में माननीय हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन हो रहा है। आईजीआरएस के तहत शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा के दौरान कोई भी डिफाल्टर केस नहीं मिला। इस दौरान अपर जिलाधिकारी भानु प्रताप सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट डीपी सिंह, उपनिदेशक कृषि एसपी श्रीवास्तव, समस्त उप जिलाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।