घोसी के लाखीपुर गांव में कार्य न मिलने से आक्रोशित मनरेगा मजदूर खांची और फावड़ा लेकर ब्लाक पर शिक
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घोसी। ब्लाक के लाखीपुर ग्रामसभा के तिलई बुजुर्ग गांव में लॉक डाउन के दौरान मनरेगा के तहत हो रहे काम को प्रधान ने सोमवार को रोक दिया। इससे नाराज हुए मजदूर खाँची, फावड़ा आदि लेकर ब्लाक मुख्यालय के लिए रवाना हुए। अलर्ट हुई पुलिस ने मजदूरों को समझा बुझा कर वापस किया। तिलई बुजुर्ग में जाने वाले मार्ग पर मिट्टी फेकने का काम चल रहा था। जिसमें 80 मजदूरों को लगाया गया था। सोमवार को काम पर आए मजदूरों में से आधे को प्रधानपति संजय चौहान ने काम करने से मना कर दिया। इससे मजदूर भड़क गए और वह काम बंद कर खाँची, फावड़ा लेकर ब्लाक मुख्यालय की तरफ चल दिए। उधर, इस बात की जानकारी होने पर कोतवाली पुलिस मझवारा मोढ़ पहुंची और मजदूरों को समझा बुझाकर वापस किया। मजदूर मंजू देवी, रामरतन राम, बिंदु देवी स्वामी चौहान ने बताया कि तीन दिनों से काम हो रहा था। अभी काम बचा है, आज जब वह लोग काम पर पहुँचे तो प्रधानपति ने काम करने से मना कर दिया। कारण पूछने पर प्रधानपति ने बताया कि सिर्फ 300 मीटर का काम शेष है। जबकि काम करने के लिए 186 मजदूर आ गए थे। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग प्रभावित होती। इसके चलते कुछ मजदूरों को काम करने से मना किया गया था। मजदूरों के साथ आई घोसी कोतवाली पुलिस के सामने तय किया गया कि अभी और काम बचा है, आज लेखपाल को बुलाकर पैमाइश करा ली जाएगी। कल से मजदूर वहां काम करेंगे।