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खामोश वोटरों ने बढ़ा रखी है उम्मीदवारों की परेशानी

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मऊ/मधुबन। विधानसभा चुनाव के लिए मतदान का वक्त नजदीक आ रहा है। लेकिन मतदाताओं की खामोशी राजनीतिक दलों के साथ-साथ उम्मीदवारों की चिंता भी बढ़ा रही है। विधानसभा में सातवें चरण में सात मार्च को मतदान होना है। चुनाव प्रचार करने के लिए बेहद कम समय मिलने के कारण प्रत्याशियों पर अधिक से अधिक वोटरों तक पहुंचने का दबाव है। ऐसे में प्रत्याशी घर-घर जाकर वोटरों से संपर्क कर रहे हैं। लेकिन डोर टू डोर जनसंपर्क और डिजिटल संवाद के माध्यम से प्रत्याशी अभी तक मतदाताओं के रुख को भाप नहीं पा रहे हैं। मतदाताओं की खामोशी से उम्मीदवारों की सांसें फूल रही है। खासकर डिजिटल प्रचार कर दलों के नेता वोटरों के मनोभावों को तोड़ भी नहीं पा रहे हैं। पांच साल के इंतजार के बाद अब बारी मतदाताओं की है। मतदाता भी इसे बखूबी जानते हैं। यही कारण है कि अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं। एक ही गांव में एक ही दिन विभिन्न दलों के नेता पहुंच कर जनसंपर्क कर रहे हैं। मतदाता भी सभी प्रत्याशियों को उनके पक्ष में मतदान करने के लिए आश्वासन दे रहे हैं। ऐसे में एक वोटर का कहना था कि पांच साल नेता जी भी आश्वासन देते हैं। अब मौका हम मतदाताओं को मिला है। विभिन्न दलों के आईटी प्रकोष्ठ से जुड़े कार्यकर्ता अपने पार्टी और प्रत्याशी के पक्ष में हवा बना रहे हैं। सभी पार्टियों के कार्यकर्ता एवं समर्थक फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर पर सक्रिय हैं। बड़े नेताओं के बयानों को आधार बनाकर पोस्ट डाल रहे हैं। समर्थक कई नामों से पेज और आईडी बना रहे हैं। पोस्ट के बाद कमेंट आने पर उसका जवाब भी दे रहे हैं।
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