मऊ। लखनऊ-बलिया स्टेट हाइवे के चौड़ीकरण के लिए सड़क के किनारे पहले से गड़े विद्युत पालों और मलबों को शहर के तिराहों और चौराहों के आसपास छोड़ दिया गया है। ऐसे में यह पोल और मलबे शहर में सुगम यातायात में अवरोध बनकर तिराहों-चौराहों की सुंदरता को बदरंग कर रहे हैं। लखनऊ-बलिया स्टेट हाइवे के चौड़ीकरण की प्रक्रिया पिछले छह सालों से चल रही है। चौड़ी करण की जद में आने वाले पेड़ों को पहले ही काटा जा चुका है। जबकि बिजली के खंभों को लोक निर्माण विभाग की ओर से उखाड़कर किनारे रख दिया गया। उनके स्थान पर नाले के किनारे नये बिजली के खंभे गाड़े गए। इस दौरान कुछ बिजली के खंभों के टुकड़े तथा आस पास रहे अन्य अवशेषों को हटा गया। इन्हें सड़क के किनारे ही छोड़ दिया गया। व्यस्त यातायात वाले आजमगढ़ मोड़ के पास पुलिस बूथ के पास ऐसे अवशेष पड़े हैं। आजमगढ़ मोड़ पर ही दूसरी तरफ भी ऐसा ही अवशेष पड़ा है और नाले पटिया हटा कर एक तरफ रख दी गई है और खुला नाला हादसे का सबब बन रहा है। ऐसे ही गाजीपुर तिराहे के पास भी मलवा पड़ा है। काटन मिल के पास कुछ महीने पहले निर्मित नाले के ढक्कन भी हटा दिए गए हैं और नाला खुला है। लोगों का कहना है कि एक तरफ शहर के तिराहों और चौराहों के सुंदरीकरण की योजना बनाई जा रही है वहीं दूसरी तरफ इनके पास मलबे डालकर यहां की सुंदरता को बदरंग किया जा रहा है।