सूरजपुर। दोहरीघाट विकास खंड क्षेत्र स्थित सूरजपुर में कई वर्षों से हो रही घाघरा नदी के तटवर्ती इलाकों में कटान से बचाव के लिए 11 करोड़ की लागत से कटान प्रोजेक्ट शुरू हो गया। लोगों ने बरसात शुरू होने से पूर्व ही प्रोजेक्ट को पूरा करने की मांग की है। मधुबन तहसील क्षेत्र के रसूलपुर मोर्चा, रसूलपुर आश्रम, सूरजपुर स्थित नाथबाबा मंदिर, रामजानकी मंदिर ऐतिहासिक धार्मिक स्थल का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। प्रतिवर्ष कटान होने से कृषि उपयोग भूमि नदी में समा जा रही हे। कटान पीड़ितों ने कई बार धरना प्रदर्शन किया था। गत वर्ष रसूलपुर आश्रम पर हो रही भीषण कटान का कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने निरीक्षण किया था। कटान पीड़ितों को कटान प्रोजेक्ट का प्रस्ताव पास कराने का आश्वासन दिया था। फरवरी में ही परियोजना के लिए 11 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई। कटान प्रोजेक्ट शुरू होने से क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों के लोगों के चेहरे खिल गए हैं। कटानपीड़ितों का कहना है कि प्रतिवर्ष उपजाऊ भूमि नदी में समा जा रही है। इस वर्ष बरसात शुरू होने से पूर्व ही प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाता है तो समस्या से निजात मिल सकती है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान ने बताया कि रसूूूलपुर आश्रम से सूरजपुर रामजानकी मंदिर तक 800 मीटर लांचिंग अपरन, 200 मीटर पींचिंग के लिए 11 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है। धन स्वीकृत होने के बाद कटान रोकने का कार्य शुरू कर दिया गया है।