जंघई -नीभापुर रेलवे रूट पर फ्लाईओवर पर गर्डर चढ़ाता क्रेन। स्रोत-संवाद
- फोटो : अहिल्या बाई होल्कर मंदिर में पूजा अर्चना करते उनके वंशज उदय सिंह राजे व अन्य।
जंघई फ्लाईओवर के निर्माण कार्य ने अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ ली है। जंघई बाईपास पर गर्डर चढ़ाने का काम दूसरे दिन मंगलवार को भी रेलवे और नेशनल हाईवे (एनएच) के अधिकारियों की निगरानी में संपन्न हुआ। दोपहर एक बजे से तीन बजे तक चले इस कार्य के दौरान एहतियातन ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया और विशाल क्रेन की मदद से दो और गर्डर सफलतापूर्वक चढ़ाए गए। इसके साथ ही अब तक कुल चार गर्डर रखे जा चुके हैं। मछलीशहर से वाराणसी जाने वाले एनएच-731 बी का निर्माण कार्य नवंबर 2023 में शुरू कराया गया था। 640 करोड़ रुपये की इस महत्वपूर्ण परियोजना का काम दो साल में पूरा कर लिया गया था, लेकिन जंघई बाईपास पर बनने वाले फ्लाईओवर पर गर्डर चढ़ाने के लिए रेलवे विभाग से अनुमति न मिलने के कारण पेंच फंसा हुआ था। दूसरे दिन मंगलवार को भी रेलवे का ब्लॉक लेकर दोपहर एक बजे से तीन बजे तक काम किया गया। सुरक्षा और तकनीकी मानकों का ध्यान रखने के लिए मौके पर रेलवे के सीनियर एडीईएन राजेश कुमार यादव, एनएच के अवर अभियंता ओपी प्रसाद और कार्यदायी संस्था स्वास्तिक कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर कृष्ण मूर्ति मुख्य रूप से मौजूद रहे। एनएच के अवर अभियंता ओपी प्रसाद ने बताया कि मंगलवार को दूसरे दिन भी गर्डर चढ़ाने का काम सुचारू रूप से हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुधवार को जंघई-नीभापुर रेल रूट पर गर्डर चढ़ाने का यह कार्य पूरी तरह से संपन्न कर लिया जाएगा। इसके बाद फ्लाईओवर के आगे के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएगी।