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जलसखियां गांवों में पानी की शुद्धता की करेंगी जांच

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मऊ। अब गांवों में लोगों को प्रदूषित पानी नहीं पीना पड़ेगा। इससे निपटने के लिए विकास विभाग जलशक्ति मिशन कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं को प्रशिक्षित करेगा। महिलाएं जलसखी के रूप में प्रशिक्षित होने के बाद हर गांव में पानी की गुणवत्ता की जांच कर विभाग को रिपोर्ट सौंपेंगी, जहां पर खराबी होगी, उन गांवों गुणवत्तायुक्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा। जिले में 1465 ग्राम पंचायतें हैं। आए दिन लोगों की शिकायत रहती थी कि उनके गांवों में लगा इंडिया मार्क टू हैंडपंप गुणवत्तायुक्त पानी नहीं दे रहा है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग पेटदर्द, उल्टी, बुखार, डायरिया सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन की ओर से जलशक्ति मिशन कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत लोगों को घर-घर शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाना है। कार्यक्रम के अंतर्गत विकास विभाग की ओर से ग्रामीण आजीविका मिशन की हर राजस्व गांव की पांच-पांच महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद उन्हे किट उपलब्ध कराई जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि उन्हें किस प्रकार से पानी की गुणवत्ता की जांच करनी है। यदि पानी की गुणवत्ता में कमी है। तो इसकी रिपोर्ट मोबाइल एप पर अपलोड करना होगा। रिपोर्ट आनलाइन होते ही जल निगम के अधिकारियों तक पहुंचेगी। आला अधिकारी संबंधित गांव में जाकर समस्या का समाधान कराकर गुणवत्तायुक्त पानी उपलब्ध कराएंगे। जल निगम के अधिशासी अभियंता एमए किदवई ने बताया कि जलशक्ति मिशन कार्यक्रम के तहत अब ग्रामीणों को शुद्ध जल मिल सकेगा। वह भी महिलाओं द्वारा पानी की गुणवत्ता की जांच करने के बाद। इससे महिलाओं को भी रोजगार मिलेगा।
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