जिले के सरकारी और मान्यता प्राप्त पहली से 12वीं कक्षा के विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के प्रवेश के नाम पर फर्जीवाड़ा करना आसान नहीं होगा। जिले के परिषदीय तथा माध्यमिक विद्यालयों में अध्यनरत पहली से 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं की पहचान परमानेंट एजुकेशन नंबर से होगी। छात्र-छात्राओं की टीसी पर पेन नंबर और विद्यालय का यू डायस कोड भी दर्ज किया जाएगा। इसी परमानेंट एजुकेशन नंबर से ऑनलाइन टीसी जारी करने की व्यवस्था शुरू होगी।
जिले में 1208 परिषदीय, 67 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय, 16 राजकीय माध्यमिक विद्यालय सहित 2584 विद्यालय हैं। विद्यालयों में प्रवेश के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़ा पर नकेल कसने के लिए शासन की तरफ से यू डायस पोर्टल तथा पेन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। पोर्टल पर पंजीकरण के बाद छात्र छात्राओं का प्रवेश एक से अधिक विद्यालयों में नहीं हो पाएगा।
भारत सरकार के यू डायस पोर्टल पर पहली कक्षा से 12वीं तक के सभी छात्र छात्राओं का विवरण अपलोड कराया जाएगा। इसमें छात्र छात्राओं का नाम, पिता का नाम, माता का नाम, जन्मतिथि, विद्यार्थी और अभिभावक के बैंक खाता आदि का विवरण शामिल है। विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र छात्राओं का यू डायस पोर्टल पर विवरण अपलोड होने के बाद इसका परमानेंट एजुकेशन नंबर जारी हो जाएगा। इसी परमानेंट एजुकेशन नंबर से ऑनलाइन टीसी जारी करने की व्यवस्था शुरू होगीl इससे देश में किसी भी विद्यार्थी का यू डायस कोड और पेन नंबर से विवरण देखा जा सकेगा।